बिल का भुगतान न करने पर शव देने से इंकार, अस्पताल में हंगामा
गाजियाबाद। इलाज के बिल का भुगतान न करने पर कोरोना संक्रमित महिला का शव देने से इंकार करने पर मृतका के परिजनों ने हंगामा कर दिया। मामला विययनगर थानाक्षेत्र के प्रताप विहार स्थित आलोकी अस्पताल का है। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर अनाप-शनाप बिल बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर बखेड़ा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाया और अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव दिलवाया, तब जाकर मामला शांत हुआ।
पुलिस के मुताबिक गौर सिटी निवासी 50 वर्षीय प्रवेश देवी कोरोना संक्रमित हो गई थीं। उपचार के लिए परिजनों ने उन्हें एक माह 14 दिन पहले प्रताप विहार स्थित आलोकी अस्पताल में भर्ती कराया था। प्रवेश देवी के परिजनों का कहना है कि इलाज के दौरान अस्पताल प्रबंधन उनसे दो लाख 80 हजार रुपये का भुगतान करा चुका है। इसके बावजूद अस्पताल के डॉक्टर कोरोना संक्रमित प्रवेश देवी को नहीं बचा सके और बुधवार को उनकी मौत हो गई। आरोप है कि प्रवेश देवी की मौत के बाद अस्पताल ने चार लाख रुपये का बिल थमा दिया और बिल के भुगतान के बिना शव देने से इंकार कर दिया। इसी बात पर परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने इलाज में लापरवाही तथा अनाप-शनाप बिल बनाने का आरोप लगाते हुए जमकर बखेड़ा किया।
पुलिस ने वार्ता कर दिलवाया शव
हंगामे की सूचना मिलते ही विजयनगर पुलिस आलोकी अस्पताल पहुची और परिजनों को समझाया। पुलिस ने अस्पताल प्रबंधन से वार्ता कर शव परिजनों के सुपुर्द कराया, तब जाकर मामला शांत हो सका। हालांकि, परिजनों का कहना है कि शव देने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने बिल के भुगतान की बात कही है। विजयनगर एसएचओ महावीर सिंह ने बताया कि किसी पक्ष की तरफ से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।