फर्रूखनगर में पकड़े पांच करोड़ के अवैध पटाखे
साहिबाबाद। प्रदूषण फैलाने वालों के खिलाफ प्रशासन की चल रही कार्रवाई के बीच शनिवार को फर्रूखनगर में छापा मारा गया। दोपहर दो बजे शुरू हुई 50 घरों की तलाशी में प्रशासन की टीम को पांच करोड़ से अधिक के पटाखे मिले, जिनसे करीब 10 ट्रैक्टर-टॉली भर गईं। लोनी एसडीएम के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पटाखों को गड्ढा खुदवाकर दबवा दिया और पानी डलवाकर नष्ट करा दिया। उधर, टीला मोड़ पुलिस ने अवैध पटाखे बरामद होने वाले मकानों के लोगों पर मुकदमा दर्ज करने की तैयारी शुरू कर दी है। दीपावली पर बेचने के लिए इन पटाखों की खेप रखी गई थी।
एसडीएम खालिद अंजुम ने बताया कि वायु प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए पिछले कई दिनों से कार्रवाई की जा रही है। शनिवार दोपहर करीब तीन बजे फर्रूखनगर के घरों में पटाखे रखे होने की सूचना पर सर्च अभियान शुरू किया गया। करीब एक दर्जन घरों से पटाखे बरामद किए गए। इनमें ज्यादातर ज्वलंत सामान बिना लाइसेंस के तैयार किया गया था। टीम ने तुरंत सामान और पटाखों को जब्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने लोगों से पटाखे बनाने वालों के बारे में भी पूूछा। गोपनीय रिपोर्ट के आधार पर अधिकारी खुद मकानों में घुसे और अवैध पटाखे बरामद कर कार्रवाई की। पुलिस फोर्स, तहसील प्रशासन, दमकल कर्मी और राजस्व विभाग के कर्मचारियों को देखकर गांव में हड़कंप मच गया। अधिकारी का कहना है कि एनजीटी के निर्देशानुसार ग्रीन पटाखे ही बनाकर बेचे जा सकते हैं। बेचने के लिए भी विक्रेता को प्रशासन से लाइसेंस लेना होगा। फिलहाल कर्मचारी जब्त पटाखों को 10 ट्रैक्टरों में भकर दूसरी जगह ले गए। इसके बाद खाली मैदान में जीसीबी से गड्ढा खोदकर उनमें पानी डलवाया और पटाखे व बारूद डालकर नष्ट कर दिया। एसडीएम ने लोगों को सख्त चेतावनी दी कि यदि दोबारा से पटाखे बनाने का अवैध कारोबार किया गया तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीला मोड़ थाना प्रभारी रण सिंह ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जिन भी घरों से अवैध पटाखे मिले हैं। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
दिल्ली से बारूद लाकर बन रहे थे पटाखे
एसडीएम के मुताबिक, फर्रूखनगर में लोग काफी समय से पटाखे बनाकर कारोबार करते हैं। कई बार गांव में आग लगने से भारी नुकसान भी हो चुका है। पटाखे बनाने के लिए यह लोग दिल्ली से बारूद लाकर तैयारी करते हैं। दिवाली के कई माह पहले से इनकी तैयारी शुरू हो गई थी लेकिन अब प्रशासन की सख्ती के चलते पटाखे बनाने का कारोबार काफी कम हो गया है। इससे अधिकारी भी थोड़ी राहत महसूस कर रहे हैं। एसडीएम के मुताबिक जिन घरों में पटाखे बनाने का काम होता है। प्रशासन के पास उसकी गोपनीय रिपोर्ट आ जाती है।