शेरशाह सूरी ने ही बादशाही सड़क के किनारे-किनारे 1700 सराय बनवाई थीं। हर दो कोस पर एक सराय और कौसी मीना बनवाई गई। आर्केलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया के अनुसार कौसी मीनार अभी दिल्ली के चिड़िया घर, जयपुर रोड, सोनीपत व पानीपत में मिलती हैं। सभी सराय व कौसी मीनार सूचना-संचार व आने-जाने वाले लोगों के रुकने का प्रमुख साधन हुआ करता था।
दिल्ली में प्रवेश से पहले यह सराय लोगों के रुकने के जरिया हुआ करती थी। गाजियाबाद में इस सराय का मिलना ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। स्थानीय प्रशासन और पीडब्ल्यूडी को मिलकर इस सराय को संरक्षित करने की जरूरत है।
डीएम से मिलेंगे
श्यामपार्क में जीटी रोड किनारे मिली इमारत 16वीं शताब्दी की हो सकती है। इस संबंध में गाजियाबाद डीएम से वार्ता कर पुरातत्व विभाग से इसका सर्वे कराने के लिए प्रयास शुरू किए जाएंगे। ऐसी कई अन्य एतिहासिक धरोहर भी गाजियाबाद में मिल सकती हैं।
- केके शर्मा, एसोसिएट प्रोफेसर, एमएम मोदीनगर