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बगैर जांच के आईएमटी का नक्शा किया पास, नपेंगे जीडीए अधिकारी

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बगैर जांच के आईएमटी का नक्शा किया पास, नपेंगे जीडीए अधिकारी
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गाजियाबाद। जीडीए अधिकारियों की मिलीभगत से आईएमटी गाजियाबाद का अवैध रूप से सालों तक 11503 वर्ग गज जमीन पर कब्जा रहा। आईएमटी के कब्जे वाली इस अतिरिक्त जमीन का आवंटन तो जीडीए ने रद्द कर दिया है, लेकिन अब बगैर जांच किए नक्शा पास करने वाले जीडीए के नियोजन अनुभाग के अधिकारियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शासन ने बगैर पड़ताल व स्थलीय निरीक्षण के नक्शा पास करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए थे। शासन की ओर से सितंबर में जारी हुए आदेश का फिर भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने मुद्दा उठाया तो जीडीए की नींद खुली है।
मामले को संज्ञान में लेते हुए जीडीए सचिव संतोष कुमार राय ने आईएमटी गाजियाबाद का नक्शा पास करने में दोषी अधिकारियों की जांच कर कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं। राजनगर जैसी पॉश कॉलोनी में 54049.25 वर्ग गज विवादित जमीन पर आईएमटी बना है। अवैध कब्जे की शिकायत व संस्थान की ओर से कोई साक्ष्य प्रस्तुत न कर पाने पर जीडीए ने आईएमटी गाजियाबाद के अवैध कब्जे वाली 11503 वर्ग गज अतिरिक्त जमीन का आवंटन निरस्त कर दिया था। फैसले के खिलाफ आईएमटी की याचिका पर हाईकोर्ट ने इस जमीन के भू-आवंटन पर शासन को पुनर्विचार करने के निर्देश दिए थे। मामले को लेकर लखनऊ में प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में जीडीए व आईएमटी प्रबंधन का पक्ष सुना था। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद शासन ने आईएमटी गाजियाबाद प्रबंधन को राहत देने से इंकार करते हुए अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया है। कॉलेज को अतिरिक्त 11503 वर्ग गज जमीन को हासिल करने के लिए बाजार मूल्य के 75 फीसदी कीमत या फिर वर्तमान सर्किल रेट के अनुसार भुगतान करना पड़ेगा। वर्तमान में यह जमीन करीब 65 करोड़ बैठती है। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के बेटे बकुलनाथ आईएमटी गाजियाबाद के प्रेसीडेंट हैं।
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शासन के आदेश को जीडीए हाईकोर्ट में रखेगा
आईएमटी गाजियाबाद प्रबंधन की 11503 वर्ग गज अतिरिक्त जमीन पर शासन में दायर पुनर्विचार याचिका खारिज होने के बाद जीडीए अब अपना पक्ष हाईकोर्ट में रखेगा। जीडीए ने हाईकोर्ट में शासन के आदेश रखने के बाबत काउंटर तैयार कर लिया है। जीडीए ने कोर्ट में अपना पक्ष रखने से पहले एडिशनल एडवोकेट जनरल से भी विधिक राय ली है। हाईकोर्ट के आगे के निर्देश मिलने के बाद जीडीए अतिरिक्त जमीन पर कब्जा लेने की प्रक्रिया शुरू करेगा।
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