अब ग्रुप हाउसिंग में सड़क की ओर नहीं खुलेंगी दुकानें
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, इंदिरापुरम सहित अन्य क्षेत्रों की ग्रुप हाउसिंग में अब बिल्डर सड़क किनारे दुकानों का संचालन नहीं कर सकेंगे। ग्रुप हाउसिंग में बिल्डरों के नियमों का उल्लंघन कर सड़क किनारे दुकानें खोले जाने और वाहनों के जमा होने से जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। ऐसे में जीडीए ने ग्रुप हाउसिंग की सड़क की ओर दुकानें खोलने पर रोक लगा दी है।
भविष्य में ग्रुप हाउसिंग में ऐसी दुकानों का नक्शा पास नहीं किया जाएगा, जिनका मुख्य गेट सड़क की ओर हो। वहीं, सभी जोन में ग्रुप हाउसिंग में संचालित होने वाली ऐसी दुकानें और शो-रूम को चिह्नित करने की कार्रवाई शुरू होगी। जीडीए ऐसी दुकानों को चिह्नित करने के बाद बिल्डरों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू करेगा। नोटिस के बावजूद दुकानों के शटर को बंद नहीं करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बता दें कि महानगर की प्रमुख राजनगर एक्सटेंशन, क्रॉसिंग्स रिपब्लिक, इंदिरापुरम, वैशाली सहित अन्य क्षेत्रों में कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियां हैं। कई ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में बिल्डरों ने नक्शे के विपरीत सड़क की ओर दुकानों के शटर खोल दिए हैं। ऐसे में इन दुकानों से सामान खरीदने के लिए वाहनों की कतारें लग जाती है। निर्धारित पार्किंग नहीं होने व वाहनों को सड़क किनारे जहां-तहां खड़े हो जाने से जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे में लोगों की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए जीडीए ने ग्रुप हाउसिंग में सड़क की ओर दुकानों के संचालन पर रोक लगा दी है। ऐसी दुकानों के नक्शे भी अब पास नहीं होंगे।
---
चार बिल्डरों को जारी हुए नोटिस
राजनगर एक्सटेंशन में नियमों का उल्लंघन कर सड़क किनारे दुकानों का शटर लगाने के मामले में जीडीए ने चार बिल्डरों को नोटिस जारी किए हैं। बिल्डरों को शटर को हटाने के साथ उस पर दीवार लगाने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है। जीडीए ने एमसीसी डेवलपर, अजनारा इंडिया, कैरॉल इंफ्रा प्राइवेट और केडीपी इंफ्रा को नोटिस जारी किया है। जीडीए अधिकारियों के मुताबिक बिल्डरों को सोसाइटी के अंदर शटर लगाने की अनुमति दी गई थी। लेकिन बिल्डरों ने नियमों का उल्लंघन कर सड़क किनारे शटर लगा दिए।
---
कोट...
ग्रुप हाउसिंग सोसायटियों में बिल्डरों को सड़क की ओर दुकानें खोलने व शटर लगाने की अनुमति नहीं होगी। ऐसी दुकानों के अब नक्शे पास नहीं किए जाएंगे। - कंचन वर्मा, उपाध्यक्ष, जीडीए