भूखंड आवंटन की शर्तों का उल्लंघन करने पर जीडीए ने राजेंद्रनगर सेक्टर-दो में संचालित डीएलएफ पब्लिक स्कूल की भूमि का आवंटन निरस्त कर दिया है। भूखंड का आवंटन निरस्त होने से स्कूल में पढ़ने वाले करीब 2500 बच्चों का भविष्य अधर में लटक गया है। जीडीए ने यह कार्रवाई ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन की ओर से जन सुनवाई पोर्टल और जीडीए में की गई शिकायत पर की है। जांच में गलत भू-उपयोग के इस्तेमाल की बात सामने आने पर कार्रवाई की गई है।
जीडीए अधिकारियों के मुताबिक आईजीआरएस पोर्टल पर ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के महासचिव सचिन सोनी ने डीएलएफ स्कूल के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। जांच में पाया गया कि जीडीए ने राजेंद्रनगर सेक्टर-2 में सेठ जयप्रकाश मुकंदलाल पॉलिटेक्निक के नाम 20924.40 वर्ग मीटर भूखंड का आवंटन किया गया था। इस भूखंड पर केवल पॉलीटेक्निक संस्थान का संचालन होना था। लेकिन जांच में दरबारी लाल फाउंडेशन की ओर से डीएलएफ पब्लिक स्कूल का संचालन होते हुए पाया गया।
मामले में भू-उपयोग के गलत इस्तेमाल और पॉलीटेक्निक कॉलेज की जगह नियम विरुद्ध स्कूल के संचालन का मामला सामने आने पर जीडीए उपाध्यक्ष के आदेश पर भूखंड का आवंटन निरस्त कर दिया है। स्कूल को अपना पक्ष रखने का अवसर देगा। स्कूल के जवाब से संतुष्ट नहीं होने पर जीडीए की ओर से एक माह बाद भूखंड पर कब्जा लेने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
2013 में की थी शिकायत, साठगांठ से दबा मामला
ऑल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन के महासचिव सचिन सोनी ने बताया कि पॉलीटेक्निक संस्था के नाम आवंटित भूखंड पर निजी स्कूल के संचालन की उन्होंने जनवरी 2013 में भी शिकायत की थी। उस वक्त जीडीए ने डीएलएफ पब्लिक स्कूल को नोटिस भेजकर स्पष्टीकरण मांगा था। जवाब में संस्थान की ओर से कर्नाटक ओपन यूनिवर्सिटी से मान्यता प्राप्त पॉलीटेक्निक स्कूल के संचालन की बात कही थी। मामले में जीडीए के अधिकारियों ने उस वक्त संस्था के जवाब की जांच करना तक उचित नहीं समझा। जीडीए अधिकारी व स्कूल की साठगांठ से मामला दब गया।
नहीं मिला नोटिस, शिक्षण संस्थान के नाम अलॉट हुई थी जमीन
जीडीए की ओर से भूखंड आवंटन निरस्त होने की डीएलएफ स्कूल प्रबंधन ने कोई जानकारी व नोटिस नहीं मिलने की बात कही। स्कूल प्रबंधन का कहना है कि अभी मीडिया के जरिए ही हमें इसकी जानकारी हुई है। नोटिस की हकीकत जाने बिना कुछ नहीं कह सकते। स्कूल चेयरमैन राकेश खुल्लर ने बताया कि जिस जमीन पर स्कूल बना हुआ है, वह शिक्षण संस्था के लिए ही अलॉट किया गया था।
यह जमीन सेठ जयप्रकाश मुकुंदलाल पॉलीटेक्निक संस्था को अलॉट हुआ था तो हम लोग भी इस पर शिक्षण संस्थान ही चला रहे हैं, यहां कोई व्यवसायिक गतिविधि नहीं हो रही है।चेयरमैन का कहना है कि 15 वर्ष पूर्व भी इस तरह की शिकायत जीडीए में की गई थी। उस दौरान पूरी बात तत्काल जीडीए वीसी को बता दी थी। इसके साथ ही यह अनुरोध भी किया था कि अब इस प्लॉट को डीएलएफ के लिए ही मंजूरी दे दी जाए।
इसके बाद जीडीए ने कमेटी भी गठित की थी और इस प्रस्ताव को बैठक में पास कराया जाना था। लेकिन फिर कमेटी की कोई बैठक नहीं हुई। उन्होंने कहा कि जीडीए को कोई नोटिस उन्हें नहीं मिला है। पत्र मिलने के बाद जीडीए में अपना पक्ष रखेंगे, फिर जो भी निर्णय होगा आगे कदम उठाया जाएगा। स्कूल बीते 23 वर्षों से संचालित होने के साथ वर्तमान में 2500 बच्चे अध्ययनरत हैं। शिक्षण संस्थान के भूखंड पर ही स्कूल संचालित है। बेवजह कुछ लोग परेशानी खड़े कर रहे हैं।
क्या बोले अभिभावक
एक अभिभावक हरिओम प्रसाद मे कहा स्कूल का मामला सैकड़ों बच्चों के भविष्य से जुड़ा है। वर्षों से यह स्कूल चल रहा है, यदि इस प्लॉट का आवंटन किसी और शिक्षण संस्थान के नाम से हुआ भी हो तो भी स्कूल के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। दोनों ही संस्थाओं का एक ही उद्देश्य है, ऐसे में जीडीए को स्कूल हित में फैसला लेना जरूरी है।