अमोनिया रिसाव की 7 दिन में सौंपनी होगी जांच रिपोर्ट
साहिबाबाद। लिंक रोड थाना क्षेत्र के साहिबाबाद साइट चार स्थित पारस दूध प्लांट में सोमवार रात को अमोनिया गैस रिसाव के मामले में दमकल विभाग की ओर से डीएम राकेश सिंह को पूरे मामले की रिपोर्ट भेजी गई है। डीएम ने मामले में कमेटी गठित कर एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है। अमोनिया गैस के रिसाव से मंगलवार को सीएफओ समेत चार दमकलकर्मियों की तबीयत हो गई। गैस का अधिक प्रभाव पड़ने के कारण यह परेशानी हुई।
सीएफओ गाजियाबाद सुनील सिंह ने बताया कि पारस दूध प्लांट में सोमवार रात को हुई अमोनिया गैस रिसाव मामले की पूरी रिपोर्ट बनाकर डीएम राकेश सिंह को भेजी है। इसमें किस तरह से गैस का रिसाव हुआ। दमकलकर्मियों ने कैसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह सभी जानकारी दी। सीएफओ ने बताया पत्र में यह भी लिखा गया है कि प्लांट को तीन बार जनवरी, मार्च और अप्रैल में फायर फाइटिंग सिस्टम और रेस्क्यू उपकरण को सही कराने के लिए कहा गया था। इसके बाद भी इन्हें सही नहीं कराया गया, जिससे यह स्थिति बनी। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई की मांग की है। वहीं, डीएम राकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस मामले में तीन अधिकारियों की एक टीम का गठन किया गया है। इसमें सहायक निदेशक कारखाना, अपर सिटी मजिस्ट्रेट और एक चिकित्सा अधिकारी को शामिल किया गया है। जो पूरे मामले की जांच कर एक सप्ताह के अंदर रिपोर्ट बनाकर देंगे। साथ ही नायब तहसीलदार से भी इस मामले में मंगलवार को पूरे मामले की रिपोर्ट ली गई है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इस पर टीम पड़ताल करेगी।
सीएफओ समेत चार की हुई तबीयत खराब
सीएफओ सुनील सिंह ने बताया कि सोमवार रात को गैस रिसाव के दौरान राहत बचाव कार्य में गैस का प्रभाव अधिक हो गया। इससे सीएफओ समेत चार कर्मचारियों की तबीयत मंगलवार सुबह खराब हुई। इसमें उन्हें भारीपन, आंख में जलन, बेचैनी की शिकायत थी। सीएफओ सभी को अपने साथ अस्पताल ले गए। जहां डाक्टर से सलाह के बाद शाम को राहत मिली। सीएफओ का कहना है कि अब काफी राहत है। गैस का प्रभाव अधिक होने से दिक्कत हुई थी।
यह है मामला
लिंक रोड के साहिबाबाद औद्योगिक क्षेत्र साइट चार स्थित पारस दूध प्लांट में सोमवार रात को वॉल्व लीक होने से अमोनिया गैस का रिसाव हो गया। इस दौरान काम कर रहे करीब 25 लोग फंस गए। दमकलकर्मियों ने पानी की बौछार कर सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। इसके बाद ब्रीथिंग ऑपरेशन सेट पहनकर वॉल्व को बंद कर गैस को फैलने से रोका। इस दौरान दमकलकर्मी समेत छह लोग बेहोश हुए थे। प्लांट के दो कर्मचारियों को अस्पताल भेजा गया था। उनकी हालत भी ठीक है। इस दौरान स्थानीय पुलिस की मदद से आसपास की आठ से दस फैक्टरियां खाली कराई गई थीं। दमकलकर्मियों की सजगता से बड़ा हादसा होने से टल गया।