पांच सवालों के ईद-गिर्द घूम रही डकैती की जांच
गाजियाबाद/लोनी। गत 26 मई को ट्रॉनिका सिटी अंसल में प्रॉपर्टी कारोबारी के घर दिनदहाड़े हुई एक करोड़ की डकैती पुलिस के गले की फांस गई है। शक के दायरे में तमाम लोग हैं, लेकिन पुख्ता सुबूत मिले बिना पुलिस किसी पर हाथ डालने से परहेज कर रही है। पांच ऐसे ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब तलाशा जा रहा है। पुलिस का मानना है कि इनका जवाब मिलते ही घटना का खुलासा हो जाएगा। इन चंद सवालों में कारोबारी के घर केमेनगेट की एंट्री, बदमाशों द्वारा घटना के बाद पीड़ित परिवार के मोबाइल मौके पर छोड़ना व किराएदार के कमरे में रोशनदान से एंट्री पुलिस को उलझा रही है। किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए पुलिस घटना की कड़ी से कड़ी जोड़ने की कोशिश कर रही है।
सवाल एक : बदमाशों को किसने बताया मेनगेट खोलने का तरीका
कारोबारी की कोठी के मेनगेट पर इलेक्ट्रॉनिक लॉक हुआ है। एक बार बंद होने के बाद वह बटन से ही खुलता था। लेकिन गेट में एक नुख्स था। गेट और फर्श के बीच दो उंगलियों की जगह है। फर्श में फंसने वाले कुंडे को इस खाली जगह में से ऊपर उठाने पर गेट अनलॉक हो जाता है। कारोबारी के मुताबिक घटना के वक्त लॉक लगा था, लेकिन बदमाश उसे खोलकर अंदर प्रवेश कर गए। बदमाशों को गेट खोलने का तरीका किसने बताया, पुलिस इसका जवाब ढूंढ रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि मेनगेट को इस तरह से खोलने का तरीका सिर्फ कारोबारी के भतीजे व किराएदार साजिद को आता था।
सवाल दो : मोबाइल व पिस्टल क्यों छोड़ गए बदमाश
बदमाशों ने घर में मौजूद लोगों के तीन मोबाइल कब्जे में ले लिए। वारदात के बाद बदमाश मोबाइलों को घर की गैलरी में ही चालू हालत में छोड़ गए। घटना के बाद तत्काल पुलिस को सूचना न दी जा सके, इसके लिए बदमाश सिम निकालकर मोबाइल छोड़ते हैं या मोबाइल साथ ले जाते हैं। इसके अलावा बदमाश कारोबारी की पिस्टल भी दराज में रखी छोड़ गए। पुलिस इस सवाल का जवाब तलाशने में भी जुटी है।
सवाल तीन : छोटे रोशनदान में घुसना संभव नहीं
तीसरी मंजिल पर रहने वाला किराएदार साजिद घटना के दिन परिवार के साथ शादी में शामली गया था। बदमाशों ने उसकेकमरे में घुसने के लिए गेट के ऊपर के रोशनदान का कांच तोड़ा। पुलिस का मानना है कि रोशनदान करीब 8 फुट उंचा है। साथ ही वह इतना छोटा है कि कोई उसमें आसानी से नहीं घुस सकता। बदमाश उसमें घुसा और अंदर आसानी से उतर भी गया। यह गले से नहीं उतर रहा है। इसके अलावा अलमारी में 50 लाख रुपये रखे थे और किराएदार अलमारी की चाबी बेड के गद्दे के नीचे रख गया, यह भी संदेहास्पद है।
सवाल चार : किसी ने किसी को नहीं बताया, फिर किसे थी मोटे कैश की जानकारी
बदमाश कारोबारी छोटे खां के पांच लाख, उनकेभाई मोईनुद्दीन के 41 लाख और किराएदार साजिद के 50 लाख लूटकर ले गए। तीनों का कहना है कि उन्होंने पैसों के बारे में परिवार के लोगों को भी नहीं बताया था। अब बड़ा सवाल यह है कि जब घर के लोगों को भी नहीं पता था तो बदमाशों को तीनों जगह रखी रकम के बारे में किसने बताया। पुलिस घर के विभीषण को तलाशने में हाथपांव पीट रही है।
सवाल पांच : सनसनीखेज वारदात कर 17 मिनट में लौट गए बदमाश
पुलिस के मुताबिक कारोबारी के घर में बदमाशों ने डाका डाला और 17 मिनट में ही सनसनीखेज घटना को अंजाम देकर वापस लौट गए। कहां कितना कैश रखा है, बदमाशों को इसकी जानकारी थी। लिहाजा इसीलिए ही उन्होंने सिर्फ उन्हीं स्थानों पर धावा बोला। सनसनीखेज वारदात को इतनी आसानी से अंजाम दिया जाना भी सवालों के घेरे में है।
इनसेट.......
डीलिंग के दौरान मौजूद लोग भी रडार पर
कारोबारी के भाई मोईनुद्दीन का कहना है कि उन्होंने गाजियाबाद निवासी व्यक्ति का प्लॉट दिल्ली निवासी को बिकवाया था। उसी के 41 लाख रुपये घटना से एक दिन पहले आए थे। प्लॉट खरीदार ने यह रकम उन्हें दफ्तर पर दी थी। इस दौरान कुछ लोग वहां मौजूद थे। पुलिस पैसों के लेन-देन के दौरान कारोबारी के दफ्तर में मौजूद लोगों से भी पूछताछ कर रही है। इसके अलावा पुलिस किराएदार के घर आने-जाने वाले लोगों की भी गतिविधियां भांप रही है।
वर्जन.......
कारोबारी के घर में लगे सीसीटीवी कैमरे 19 अप्रैल से खराब हैं। पड़ोस में लगे कैमरों से कोई मदद नहीं मिली। परिजनों के बयानों को क्रॉस-चेक किया जा रहा है। साथ ही लूट-डकैती करने वाले गिरोहों को भी खंगाला जा रहा है। घटना में कारोबारी के किसी करीबी के शामिल होने की पूरी संभावना है। टीमें सभी पहलुओं पर जांच कर रही हैं।
- डॉ. ईरज राजा, एसपी ग्रामीण