आज किसान निकालेंगे ट्रैक्टर मार्च, एक्सप्रेसवे पर जाने से बचें
साहिबाबाद। तीन कृषि कानूनों के खिलाफ और एमएसपी की गारंटी पर किसान बृहस्पतिवार सुबह 11 बजे यूपी गेट से ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। सभी किसान ट्रैक्टर पर तिरंगा और भाकियू का झंडा लगाकर एनएच-9 से होते हुए डासना पहुंचेंगे। वहां पर मेरठ, बागपत, ग्रेटर नोएडा, नोएडा, मोदीनगर, मुरादनगर और अन्य जिलों के किसान भी जमा होंगे। इसके बाद सभी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे से पलवल की तरफ बढ़ेंगे। ऐसे में बृहस्पतिवार को दिल्ली जाने से बचें। क्योंकि एक्सप्रेसवे पर जाम लगने के आसार हैं। वहीं, पलवल से भी किसान ईस्टर्न पेरिफेरल की ओर आएंगे। पेरिफेरल पर ही दोनों तरफ के किसान एक जगह पर मिलेंगे, जहां उनकी सभा होगी और आगे की रणनीति तैयार होगी। इसके बाद किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ यूपी गेट की ओर लौट आएंगे। पलवल के किसान भी अपने बॉर्डर पर लौट जाएंगे।
संयुक्त किसान मोर्चा ने निर्णय लिया है जहां जहां किसान आंदोलन पर बैठे हैं, वहां से किसान दूसरे बॉर्डर तक ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे। मार्च को लेकर किसानों और किसान संगठनों ने पूरी तैयारी कर ली है। भाकियू के मीडिया प्रभारी धर्मेंद्र मलिक का कहना है कि सुबह 11 बजे ट्रैक्टर मार्च यूपी गेट से आरंभ होगा। यहां से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे होते हुए डासना पर पहुंचेंगे। डासना पर ग्रेटर नोएडा, मोदीनगर, मुरादनगर, हापुड़, गढ़, मेरठ, शामली और अन्य जगहों के किसान अपने ट्रैक्टरों के साथ मार्च में शामिल होंगे। वहां से सभी ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर चढ़कर पलवल के लिए आगे बढे़ंगे। उधर, पलवल की तरफ से आने वाले किसान एक्सप्रेसवे पर जहां भी यूपी गेट के किसानों से मिलेंगे, उसी जगह पर दोनों बॉर्डरों के किसान आपस में सभा करेंगे। भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बताया कि ट्रैक्टर मार्च की व्यवस्था के लिए सात लोगों की टीम भी बनाई है। यह टीम मार्च में शामिल होने वाले सभी ट्रैक्टर चालकों को पूरी जानकारी देगी। जो भी ट्रैक्टर मार्च में शामिल होंगे, उनका समिति की ओर से रजिस्ट्रेशन किया गया है। उन्होंने बताया कि ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे पर ही पलवल के किसान एक प्वाइंट पर एकत्रित होंगे। क्योंकि एक दिन में दोनों बॉर्डरों के किसानों के लिए ट्रैक्टर मार्च करते हुए एक दूसरे के बॉर्डर पर पहुंचना मुश्किल है। लिहाजा, दोनों तरफ से किसान एक जगह पर मिलकर सभा करेंगे। जिसमें आगे की रणनीति बनेगी। उन्होंने बताया सभा स्थल के लिए प्वाइंट भी ट्रैक्टर मार्च के दौरान तय होगा। सभा में आगे की रणनीति बनने के बाद सभी किसान यूपी गेट पर लौट आएंगे।