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हर 764 व्यक्ति के लिए अस्पताल में है एक बेड

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हर 764 व्यक्ति के लिए अस्पताल में है एक बेड
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गाजियाबाद। कोरोना के खिलाफ जंग में जिले की स्वास्थ्य सुविधाएं नाकाफी हैं। अस्पतालों में बेड को लेकर मारामारी के बीच अगर जिले के कुल सरकारी और गैर सरकारी अस्पतालों की बात की जाए तो 50 लाख की आबादी में 764 लोगों के लिए एक बेड उपलब्ध है। हम उम्मीद करते हैं कि ये नौबत न आए, लेकिन ऐसा हुआ तो अस्पतालों में इलाज भी मुश्किल होगा।
जिले में तीन बड़े सरकारी अस्पतालों की बात की जाए तो जिला एमएमजी अस्पताल में 125, संयुक्त जिला अस्पताल में 100, जिला महिला अस्पताल में 100 बेड की व्यवस्था है। इसके अलावा 30 बेड वाले चार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 30 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 40 अर्बन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (सभी में पांच-पांच बेड) की व्यवस्था है। यानी 795 बेड की सरकारी तौर पर जिले की 50 लाख की आबादी के लिए व्यवस्था है। जिले में 125 छोटे बड़े अस्पताल पंजीकृत हैं जबकि 1706 क्लीनिक के कुछ बेड मिलाकर 5750 बेड अस्पतालों में उपलब्ध हैं। अगर कुल आबादी से अस्पतालों में उपलब्ध बेड का अनुपात निकाला जाए तो हर 746 व्यक्ति के लिए एक बेड ही उपलब्ध है।
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10 सरकारी एंबुलेंस के भरोसे व्यवस्था
जिले में 6692 कोरोना संक्रमितों की जिम्मेदारी 10 एम्बुलेंस के जिम्मे है। इनमें से 4 एम्बुलेंस शव के लिए लगाई गई हैं। निजी अस्पतालों की बात की जाए तो करीब 65 एम्बुलेंस कोविड मरीजों के लिए संचालित हैं।
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50 अस्पताल, 740 आईसीयू बेड
जिले में 50 कोविड अस्पतालों में 3150 सामान्य बेड, 740 आईसीयू बेड की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग ने की है लेकिन रोज कोविड अस्पतालों में भर्ती होने के लिए मरीज जूझ रहे हैं। जिले में कोरोना के सक्रिय संक्रमितों की संख्या 6692 कोरोना संक्रमित हैं। चिकित्सकों के अनुमान के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में रोज एक हजार से 1200 मरीजों को वेन्टीलेटर्स, आईसीयू की जरूरत पड़ रही है, जिसके मुताबिक 740 बेड कम पड़ रहे हैं।
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जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने की जरूरत हैं। नए अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण में आने वाली जटिलताओं को कम किया जाए।
- डॉ. आशीष अग्रवाल, अध्यक्ष, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन
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कोरोना के खतरे को देखते हुए पिछले कुछ दिनों में बेड की संख्या बढ़ाई गई है। बेड की कोई कमी अस्पतालों में नहीं हैं। -डॉ. सुनील त्यागी, कार्यवाहक सीएमओ
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