छेड़छाड़ के विरोध पर छात्रा को रॉड से पीटा, सिर फोड़ा
गाजियाबाद। दुकान से सामान लेने जा रही 11वीं छात्रा को रास्ते में रोककर मनचले में उसका मोबाइल नंबर मांगा। विरोध करने पर उससे छेड़छाड़ की। छात्रा के शोर मचाने पर उसके परिजन पहुंचे तो आरोपी ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर उन पर हमला बोल दिया। मनचलों ने छात्रा को जमकर पीटा और लोहे की रॉड मारकर उसका सिर फोड़ दिया। परिजनों को भी पीटकर घायल कर दिया। घायल छात्रा को परिजनों ने निकट के अस्पताल में भर्ती कराया। जहां उसके सिर में कई टांके लगाए गए और उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने महज बलवा और मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने मामले में दलील दी कि मोबाइल नंबर मांगना कोई अपराध नहीं है।
विजयनगर थानाक्षेत्र में रहने वाली छात्रा शुक्रवार रात दुकान से सामान लेने जा रही थी। रास्ते में पड़ोसी युवक शरद ने उसे रोका और मोबाइल नंबर मांगने लगा। मना करने पर शरद ने गाली-गलौच शुरू कर दी। छात्रा ने विरोध करते हुए शोर मचाया तो परिवार के लोग मौके पर आ गए। इसी बीच आरोपी ने भी अपने साथियों को वहां बुला लिया, जिसके बाद आरोपियों ने छात्रा और उसके परिजनों पर रॉड आदि से हमला बोल दिया। हमले में छात्रा का सिर फट गया, परिजन भी गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने तहरीर के आधार पर शरद, उसके साथी रोहित, पिंकी व ऋषभ के अलावा तीन अज्ञात लोगों के खिलाफ बलवा और मारपीट की धारा में केस दर्ज कर दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
छात्रा बोली, पहले भी पीछा कर चुका है आरोपी :
छात्रा का कहना है कि शरद ने उसका जीना दुश्वार कर रखा है। घर से निकलते ही वह उसका पीछा करता था। उसने उसकी बातों को कभी गंभीरता से नहीं लिया, लेकिन शुक्रवार रात को रास्ता रोककर उसके साथ छेड़छाड़ की और फिर मोबाइल नंबर मांगने लगा। छात्रा का कहना है कि आरोपी और उसके साथी नशे के आदी हैं और नशा करने के बाद चोरी की वारदातों को अंजाम देते हैं। पीड़िता का यहां तक कहना है कि मुख्य आरोपी जेल भी जा चुका है।
लड़की से मोबाइल नंबर मांगना अपराध नहीं :
छात्रा का कहना है कि आरोपी सरेराह रोककर उसका मोबाइल नंबर मांगता है, उससे छेड़छाड़ करता है लेकिन एसएचओ विजयनगर महावीर सिंह चौहान का कहना है कि किसी लड़की से मोबाइल नंबर मांगना छेड़छाड़ की श्रेणी में नहीं आता है। छात्रा ने जो तहरीर दी थी, उसी के आधार पर केस में धाराएं लगाई गई हैं। अगर पीड़िता बयानों में छेड़छाड़ की बात कहती है तो उसके आधार पर धाराओं को बढ़ाया जाएगा।