पीएसी जवानों के परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे एडीजी
मसूरी। बुलंदशहर में सड़क हादसे में शहीद हुए 38वीं वाहिनी पीएसी के दो जवानों के परिजनों को सांत्वना देने के लिए एडीजी पीएसी वीके सिंह मंगलवार को गाजियाबाद पहुंचे। एडीजी पहले मसूरी के इंद्रगढ़ी निवासी प्रवीण कुमार और फिर भोजपुर के मोहिउद्दीनपुर गांव निवासी प्रवीण कर्दम के घर पहुंचे और शोक-संतप्त परिजनों को ढांढस बंधाया। इस दौरान उन्होंने 38वीं वाहिनी के जवानों द्वारा एक दिन का वेतन देकर इकट्ठा की गई रकम (सात-सात लाख रुपये) के चेक दोनों जवानों के परिजनों को सौंपे। एडीजी ने कहा कि सरकारी स्तर से मिलने वाली मदद की प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही उसे पूरा कर लिया जाएगा।
गत दो फरवरी को सिकंद्राबाद औद्योगिक में बैरिकेडिंग तोड़कर डीसीएम गाड़ी पीएसी पिकेट में जा घुसी थी। जिसमें ड्यूटी पर तैनात 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ के दो जवान प्रवीण कुमार और प्रवीण कर्दम की मौके पर ही मौत हो गई थी। एडीजी ने बताया कि दोनों जवानों के शहीद होने पर विभाग को गहरा आघात लगा है। उनकी कमी तो पूरी नहीं की जा सकती लेकिन परिजनों को सभी स्तर से मदद कर सहयोग जरूर किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 38वीं वाहिनी पीएसी के जवानों ने एक दिन का वेतन दोनों जवानों के परिजनों को दिया। इसके बाद लगभग सात-सात लाख रुपये की धनराशि का चेक शहीद जवानों के परिजनों को सौंपा गया।
एडीजी ने पीड़ित परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि सरकारी स्तर से हरसंभव मदद की जाएगी। इस मौके पर 47वीं वाहिनी पीएसी के कमांडेंट योगेश कुमार, 41वीं वाहिनी पीएसी कौशांबी की कमांडेंट भारती सिंह, 38वीं वाहिनी पीएसी अलीगढ़ के कमांडेंट अनीस अहमद अंसारी आदि मौजूद रहे।