कुछ लोग अपने बच्चे और परिवार के सदस्यों को लेकर सोसायटी से बाहर भागने लगे। लोगों ने अग्निशमन यंत्रों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन 50 प्रतिशत यंत्रों ने काम ही नहीं किया। सोसायटी के लोगों ने मेंटिनेंस के लोगों को जानकारी दी।
धुआं निकलता देख सिक्योरिटी के लोग भी मौके पर पहुंच गए। सभी ने मिलकर आग पर काबू पाया। फायर ब्रिगेड को आग की सूचना दी गई थी। लोगों का आरोप है कि आग बुझने के 20 मिनट बाद गाड़ी पहुंची। यदि कुछ देर और आग पर काबू नहीं पाया जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था।
- आग का विकराल रूप देखकर डर गए लोग
जीएच-7 सोसायटी के ब्लाक-ई-2 के टॉवर-2 में आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया था। धुआं और आग की लपटों को देखकर लोग डर गए। उन्हें लगा की आग पूरी सोसायटी में फैल जाएगी। इस लिए वह फ्लैटों से निकलकर भागने लगे। लोगों को अनुमान था कि जिस तरह से आग लगी है, उसे देखकर लगता है कि इतनी जल्दी काबू नहीं पाया जा सकता है। सिक्योरिटी और लोगों ने साहस करके आग को बुझाया।
टॉवर में आग लगने के बाद मेंटिनेंस के पदाधिकारियों ने लाइट काट दी, जिससे आग अन्य स्थानों पर न पहुंचे। लाइट न आने के कारण लिफ्ट भी बंद हो गई। लोगों ने लिफ्ट को देखा। उसके बाद वह जीने के रास्ते ही 14वीं मंजिल से दौड़ पड़े। लोग आग को देखने के बाद काफी घबराए हुए थे। छोटे से लेकर बुजुर्ग तक आग बुझाने में सहयोग कर रहे थे। जबकि कुछ लोग ऐसे भी थे। जिनको आग लगने का बाद में पता चला।
- फायर अलार्म ने नहीं किया काम
सोसायटी में आग लगने के बाद लोगों ने फायर अलार्म बजाया, लेकिन वह नहीं चला। इसके बाद लोगों ने शोर मचाना शुरू किया। तब जाकर लोग फ्लैट से बाहर निकले। धुआं के कारण लोगों का फ्लैट में दम घुटने लगा। गनीमत रही कि आग फ्लैट तक नहीं पहुंची। टेलीकॉम इलेक्ट्रिकल वायर वाले रास्ते ही आग 14वीं मंजिल तक पहुंच गई।
- अग्निशमन यंत्रों पर लगे रहे जाले
सोसायटी के लोगों ने आरोप लगाया कि मेंटिनेंस के पदाधिकारी अग्निशमन यंत्रों पर जरा भी ध्यान नहीं देते हैं। अधिकतर यंत्र जालों से घिरे हुए हैं। यही कारण था कि आग बुझाने के दौरान अधिकतर यंत्र काम नहीं कर रहे थे। यदि मेंटिनेंस के लोग इन पर ध्यान देते तो आग सातवीं मंजिल पर लगी थी। वहीं काबू पा लिया जाता। आरोप लगाया कि उनसे कुछ कहा जाता है तो वह सही से बात भी नहीं करते हैं।