सीडब्ल्यूसी के अध्यक्ष जीपी भद्रदास ने बताया कि अगर पुलिस यह लिखित रिपोर्ट नहीं देती है कि बच्चा इसी महिला का होने के सुबूत मौजूद हैं तो फिर डीएनए टेस्ट का ही रास्ता बचेगा। बच्चे और उसकी मां होने का दावा करने वाली महिला के डीएनए का मिलान कराया जाएगा।
एक मां का दर्द देख, दूसरी की ममता जागी
जो नानी बालक को थाने छोड़ आई थी, वह भी अब अपनी बेटी का साथ दे रही है। उसने सीडब्ल्यूसी के सामने बयान दिया है कि बालक को लोनी थाना में वही छोड़कर आई थी। उसे डर था कि समाज उससे सवाल करेगा कि बिन ब्याही बेटी मां कैसे बनी ? लेकिन जिगर के टुकड़े के लिए बेटी की तड़प देख उससे रहा नहीं गया। बच्चे को लापता मानकर बेटी ने खाना तक छोड़ दिया था। तब उसे सच बताना पड़ा।
नौकरी के दौरान हुई थी दोस्ती
महिला और युवक तीन साल पहले फरीदाबाद में एक ही कंपनी में नौकरी करते थे। दोनों में दोस्ती हुई। फिर फरीदाबाद में ही साथ रहने लगे। वहीं पर बच्चा हुआ। युवक जब उन्हें छोड़ गया तो युवती बच्चे को लेकर लोनी में मां के पास आ गई।