पूर्व में स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछड़ चुका गाजियाबाद फिर एक बार परीक्षा देगा। केंद्र सरकार देश के 500 शहरों में स्वच्छता का सर्वेक्षण कराएगी। इसमें गाजियाबाद को भी शामिल किया गया है। यह सर्वेक्षण जनवरी 2017 में प्रस्तावित है, लेकिन तैयारियां अभी से शुरू हो गई है।
शहर में स्वच्छ भारत मिशन की योजनाओं को क्रियान्वित कराने के लिए तय की गई कंसलटेंट फर्म और निगम अधिकारियों ने सर्वे के लिए तय फार्मूले पर काम करना शुरू कर दिया है।
दरअसल, अक्तूबर 2014 से ही केंद्र सरकार ने देश भर में स्वच्छ भारत मिशन शुरू किया था।
शहरों को स्वच्छ बनाने के लिए केंद्र सरकार नगर निकायों को फंड भी दे रही है। एक साल से ज्यादा योजना संचालित होने के बाद सरकार ने जनवरी 2016 में 73 बड़े शहरों में स्वच्छता सर्वेक्षण कराया। इसमें गाजियाबाद पिछड़ गया। यहां पब्लिक टॉयलेट्स, कम्यूनिटी टॉयलेट्स की कमी के कारण खुले में शौच की बात सामने आई थी।
लोग सड़कों के किनारे गंदगी करते मिले। अब केंद्र सरकार जनवरी 2017 में फिर स्वच्छता सर्वेक्षण कराएगी। इस बार एक लाख से ज्यादा आबादी वाले 500 से ज्यादा शहर इस सर्वेक्षण में शामिल होंगे।
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इन आधार पर होगी मार्किंग
- 100 फीसदी घरों में शौचालय
- शहर में सार्वजनिक शौचालयों की संख्या
- सामुदायिक शौचालयों की संख्या
- सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट व्यवस्था
- सिटीजन इंगेजमेंट
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अधिकारी बोले
‘आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में गाजियाबाद को शामिल किया गया है। इसके लिए तैयारियां शुरू कर दी गई है। शहर में 150 से ज्यादा पब्लिक टॉयलेट्स और तकरीबन 60 कम्यूनिटी टॉयलेट बनाए जाएंगे।’ लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। - डीके सिन्हा, अपर नगर आयुक्त