उस्मान पर आरोप है कि उसने करीब 60 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बेच दी।इसके बाद उसने अपने नाम से कॉलोनी बसा दी। उस्मान पर मसूरी थाने में जमीन कब्जाने, घर में घुसकर मारपीट करने और डकैती के मुकदमे भी दर्ज हैं।
गाजियाबाद के उस्मान गढ़ी में गुरुवार को अवैध कब्जे पर प्रशासन का बुलडोजर चला। यहां पर तालाब की जमीन पर बने सपा नेता उस्मान व उसके रिश्तेदारों के मकान तोड़े गए।
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कार्रवाई के दौरान मौके पर एसडीएम विनय कुमार सिंह, तहसीलदार विजय कुमार मिश्र पुलिस फोर्स के साथ मौजूद रहे। उस्मान पर आरोप है कि उसने करीब 60 बीघा सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बेच दी। इसके बाद उसने अपने नाम से कॉलोनी बसा दी। उस्मान पर मसूरी थाने में जमीन कब्जाने, घर में घुसकर मारपीट करने और डकैती के मुकदमे भी दर्ज हैं।
1989 में उस्मान ने किया तालाब की जमीन पर कब्जा
1989 में उस्मान ने तालाब की जमीन पर कब्जा कर तीन मकान बनाए। एक मकान में यह खुद रहता था, दूसरे और तीसरे मकान में इसके भाई अब्बास और इखलाख रहते हैं। तालाब की जमीन पर घर बनाने पर इसके खिलाफ 1991 में बेदखली का आदेश हुआ।
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2004 में दोबारा बेदखली का आदेश हुआ, तब तक तालाब पर 100 से अधिक प्लॉट काटकर कॉलोनी बना दी। प्रशासन की ओर से नोटिस की कार्रवाई होती रही लेकिन उस्मान अधिकारियों से सांठगांठ कर कार्रवाई से बचता रहा। 2008 में उस्मान हाईकोर्ट से स्टे ले आया। इस दौरान सरकारी जमीन पर और मकान बनाए गए।
तहसीलदार सदर विय कुमार मिश्रा ने बताया कि 2018 में दोबारा बेदख़ली का आदेश किया गया। तालाब की जमीन से कब्जे हटाने के लिए 6 अप्रैल को नोटिस भी दी गई लेकिन अवैध कब्जेदारों ने अतिक्रमण नहीं हटाया, इसलिए बुलडोजर चलाकर तीन मकान तोड़े गए। तालाब पर अवैध चारदीवारी भी तोड़ी गई। अवैध कब्जेदारों को नोटिस दी गई है। करीब दो घंटे तक कार्रवाई चली। इस दौरान अवैध कॉलोनी बसने वाला उस्मान मौके से नदारद रहा।