अंगुली की सर्जरी के लिए 12 दिन से मिल रही तारीख
साहिबाबाद। औद्योगिक इकाइयों में मशीनों पर काम करने वाले सभी श्रमिक ध्यान दें... यदि काम के दौरान आपको शारीरिक क्षति होती है तो राजेंद्र नगर के ईएसआईसी अस्पताल में सर्जरी के लिए आपको तारीख पर तारीख मिलेगी। बुधवार को अस्पताल में ऐसा ही मामले सामने आया। निजी कंपनी में काम करने वाले सुमित द्विवेदी पिछले 12 दिनों से सर्जरी कराने के लिए अस्पताल में चक्कर काट रहे हैं। हालात इतने बदतर हैं कि घायल होकर आने वाले मरीज को स्टाफ के लोग हर दूसरे-तीसरे दिन नई तारीख देेकर आने को बोल देते हैं।
शास्त्री नगर की बाग वाली कालोनी में सुमित द्विवेदी किराये पर रहते हैं। वह कविनगर की औद्योगिक क्षेत्र में कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि 10 फरवरी को वह मशीन पर काम कर रहे थे कि अचानक अंगुली कट गई। लहूलुहान हालत में उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले गए। वहां से ईएसआईसी अस्पताल राजेंद्र नगर में रेफर कर दिया गया। यहां आपातकाल वार्ड में डॉक्टरों ने उपचार के दौरान मलहम पट्टी कर दी। अगले दिन उन्हें हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलने के लिए बुलाया गया जबकि उन्हें हर तीसरे दिन पट्टी बदलने के लिए बुलाया जाता है। इस बीच उन्हें अंगुली की सर्जरी करने के लिए कहा गया। अब वह हर दूसरे दिन सर्जरी के लिए अस्पताल जाते हैं वहां सुबह नौ बजे पर्ची लेकर ओपीडी की लाइन में लगते हैं लेकिन दोपहर ढाई बजे तक इंतजार करके वापस घर आ जाते हैं। इस अव्यवस्था से उनका गुस्सा भी बढ़ रहा है। कई बार स्टाफ से विशेषज्ञ डॉक्टर से मिलने की गुहार भी लगाई लेकिन किसी ने मदद नहीं की। बुधवार को भी उनके साथ यही हाल हुआ। सुबह पर्ची ली और लंबे इंतजार के बाद दोपहर तीन बजे घर लौट गए। अस्पताल के सहायक निदेशक राज रंजन ने बताया कि डॉक्टर अन्य मरीजों को भी देख रहे थे। इस बीच हो सकता है कि सुमित को न देख पाएं हों।
अकेले डॉक्टर पर काम का दबाव
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास टंडन का कहना है कि अस्पताल में इमरजेंसी में मरीज आते हैं। उनके ऑपरेशन में तीन-चार दिनों से ज्यादा का समय लग जाता है। काम का अधिक दबाव होने की वजह से मरीजों को जांचने का समय नहीं मिलता है। बावजूद इसके शाम चार बजे के बाद भी अधिकांश मरीजों से मिलने का प्रयास करता हूं। सुमित द्विवेदी की सर्जरी भी जल्द होगी।