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Ghaziabad News: मरीजों को नहीं बंटी लाखों की दवाएं हो गईं एक्सपायर

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मरीजों को नहीं मिली एक्सपायर हो गई करोड़ों की दवा
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रश्मि ओझा
गाजियाबाद। ड्रग वेयर हाउस में करोड़ों रुपये कीमत की दवाएं मरीजों को नहीं बांटी गईं और गोदाम में रखे-रखे एक्सपायर हो गई हैं। वर्ष 2020-21 में कॉरपोरेशन से आई दवाएं एक्सपायर हो चुकी हैं। इन एक्सपायर दवाओं के निस्तारण के लिए भी शासन से ना तो बजट जारी हो रहा है और ना ही इसकी कोई गाइडलाइन जारी की गई। जिले से लगभग 10 पत्र इसके निस्तारण कराने के दिशानिर्देश के लिए भेजे जा चुके हैं।
इन दवाओं में एंटीबायोटिक सहित बुखार की दवाओं सहित कई प्रकार की विटामिन सहित ओआरएस का घोल, बच्चों के लिए सीरप को मिलाकर करोड़ों की दवाएं शामिल हैं। इसके अलावा कोरोना के दौरान इस्तेमाल होने वाली रेमडीसीवीर इंजेक्शन भी जो बचे थे वह एक्सपायर होने की कगार पर हैं।
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यह हैं प्रमुख दवाएं
पेंटोप डीएसआर, पैरासीटामोल, एजीथ्रोमाइनसीन, फ्लू गार्ड, विटामिन सी, जिंक, बी कांपलेक्स
12 हजार से अधिक पीपीई किट हो रहे बेकार
ड्रग वेयर हाउस में निजी कंपनी द्वारा दान में दिए गए पीपीई किट रखे-रखे बेकार हो रहे हैं। कोरोना के दौरान अमेजन कंपनी की तरफ से स्वास्थ्य विभाग को दान में पीपीई किट दी गई थी लेकिन उसका इस्तेमाल नहीं हो सका है।
बुलंदशहर इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित सेंट्रल ड्रग वेयर हाउस में दवा स्टोरेज के मानकों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। मानकों के अनुसार दवाएं जमीन पर नहीं रखी जा सकती हैं और सभी दवाएं 25-30 डिग्री तापमान में रखे जाने चाहिए, लेकिन टीन शेड के बने गोदाम में एसी नहीं है और गर्मियों में तापमान 45 डिग्री से भी अधिक पहुंच जाता है। दवाएं बिना सेल्फ और स्टैंड के जमीन पर ही रखी जा रही हैं।
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शासन से दवाएं अधिक मात्रा में सप्लाई हुई थी। कुछ दवाएं बांटी गई थीं लेकिन कुछ बच गईं थीं। जिनको वापस करने के लिए पत्र भेजा था, लेकिन वह मंगवाया नहीं गया। अब शासन के नियमों के अनुसार इनका निस्तारण किया जाएगा। शासन की गाइडलाइन का इंतजार किया जा रहा है।
डॉ. भवतोष शंखधार, सीएमओ
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