पुलिस ने बुधवार रात डीएलएफ कट से तीन लुटेरे और लूट के गहने खरीदने वाले सुनार को भी गिरफ्तार कर लिया। साहिबाबाद टीम ने लुटेरों के पास से 18 हजार रुपये नकद, 35 ग्राम सोने की पांच टिक्की, घटना में प्रयुक्त दो बाइक, फर्जी नंबर प्लेट और तीन तमंचे बरामद किए हैं। लूट के सरगना फरमान की मां बाइक को बेडरूम में छिपाने में मदद करती थी। थाने में सदस्यों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के दौरान मां ने विरोध किया तो उसे हिरासत में ले लिया गया। पुलिस अब मां के खिलाफ भी कार्रवाई करेगी।
एसपी सिटी सेकेंड ज्ञानेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि लुटेरे गिरोह का मास्टरमाइंड फरमान लोनी के बुधनगर सुनहरी मस्जिद वाला रोड पर रहता है। उसका साथी दानिश और शोएब निवासी रामलीला मैदान लोनी बॉर्डर व सुनार जहीरूद्दीन निवासी नसबंदी कालोनी की मलिक ज्वेलर्स के नाम से दुकान है। गिरोह ने 27 जुलाई को राजेंद्र नगर में पंचशील पार्क निवासी जितेंद्र कुंडीर से चेन लूटी थी। विरोध करने पर बदमाशों ने उन्हें धमकी भी दी थी। पुलिस ने तत्काल शिकायत पर सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर चोरों की तलाश शुरू कर दी। फुटेज से पहचान के आधार पर तीनों लुटेरों को डीएलएफ कट के पास पकड़ लिया। पूछताछ के बाद पुलिस ने लोनी से सुनार जहीरूद्दीन को भी हिरासत में लिया था। उससे पूछताछ की तो पता चला कि वह लुटेरों से गहने खरीदकर उन्हें ग्राहकों को बेच दिया करता था। पिछले तीन-चार सालों से सदस्य लूटपाट की घटनाएं कर रहे हैं।
अलग-अलग बाइक से करते थे लूट
लुटेरे अलग-अलग बाइक से लूटपाट करते थे। इसके लिए वह केटीएम और यामाह वाइजेडएफ आर-एन-फाइव बाइक पर नंबर प्लेट बदलकर उसका इस्तेमाल करते थे। तीनों लुटेरों का लक्ष्य इंदिरापुरम, कौशांबी, लिंकरोड, साहिबाबाद व टीलामोड़ क्षेत्र होते थे क्योंकि घटना के बाद बॉर्डर पार कर फरार होने में उन्हें आसानी रहती थी। इसके बाद मास्टरमाइंड फरमान जब घर जाता था तब उसकी मां बाइक को बेडरूम में छिपाने में मदद करती थी। साहिबाबाद थाने में चारों के खिलाफ जब पुलिस कार्रवाई कर रही थी तब अचानक मां भी थाना प्रभारी के कमरे में घुस गई और वहां बेटे को बचाने का प्रयास किया लेकिन पुलिस ने उसे पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी। अब उसके खिलाफ भी कार्रवाई होगी। सीओ का कहना है कि घटनाओं की सीसीटीवी फुटेज और बाइक को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जाएगा।