मंडोला आवास विकास के पास सड़क हादसे में घायल हुए युवक की जान चौकी इंचार्ज पूरन सिंह की तत्परता से बच गई। चौकी इंचार्ज ने एंबुलेंस का इंतजार न करते हुए अपने सरकारी वाहन से घायल को अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों का कहना था कि दस मिनट की देरी पर घायल की जान को खतरा था। इतना ही नहीं घायल के पास से मिलने 50 हजार रुपये भी परिजनों को चौकी इंचार्ज ने सौंपे।
ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र की रामपार्क कॉलोनी में जितेंद्र वर्मा परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में पिता मुकेश वर्मा, भाई हनु वर्मा, बहन शिवानी समेत अन्य सदस्य हैं। 15 जुलाई को वह मंडोला गांव में किसी काम से आए थे। काम खत्म कर वह बाइक से वापस जा रहे थे। आवास विकास के पास किसी अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी।
टक्कर लगने से घायल हुए जितेंद्र वर्मा सड़क किनारे पड़े थे। इस दौरान मंडोला पुलिस चौकी के सेकेंड प्रभारी पूरन सिंह गश्त कर रहे थे। उन्होंने युवक की हालत गंभीर होने पर बिना एंबुलेस का इंतजार किए उसे अपनी सरकारी गाड़ी से लोनी सीएचसी में भर्ती कराया। इस दौरान उनकी वर्दी खून में सन गई।
घायल के पास थे 50 हजार रुपये, एसआई ने लौटाए
घायल के पास करीब 50 हजार रुपये, मोबाइल फोन और अन्य सामान थे। उसके मोबाइल पर बहन शिवानी का फोन आया। पुलिस ने फोन उठाकर परिवार के लोगों को जानकारी दी। परिवार के लोग लोनी सीएचसी में पहुंचे। यहां एसआई ने उन्हें घायल के पास से मिले 50 हजार रुपये और अन्य सामान परिवार के सदस्यों को सौंप दिया। हालत ठीक होने पर जितेंद्र ने चौकी प्रभारी को धन्यवाद दिया।