वसुंधरा के सेकेंड होम होटल की बालकनी में खड़े सफाईकर्मी की करंट से मौत
वसुंधरा। सेक्टर-3 में सोमवार देर रात रात एक इमारत की दूसरे मंजिल पर चल रहे सेकेंड होम होटल के सफाईकर्मी जीतू की करंट लगने से मौत हो गई। वह बालकनी में खड़े होकर फोन पर बात कर रहा था। अचानक वह बराबर से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज की लाइन की चपेट में आ गया। होटल प्रबंधन के लोगों ने सुबह करीब साढ़े चार बजे उसे मृत हालत में देखकर पुलिस को सूचना दी। वह परिवार में तीन बहनों के बीच इकलौता भाई था।
बुलंदशहर के जहांगीराबाद में रूटा गांव में रहने वाला जीतू यहां वसुंधरा सेक्टर-3 के सेकेंड होम ओयो होटल में डेढ़ माह से सफाई का काम करता था। होटल का संचालक विकास सैनी है। पुलिस ने बताया कि होटल में बुलंदशहर के दो अन्य युवक भी काम करते हैं। उनमें से एक की जान पहचान से जीतू उर्फ जीतेंद्र ने यहां दस हजार रुपये प्रतिमाह पर काम शुरू किया था। पता चला कि जीतू रात करीब 12 बजे बालकनी में खड़ा होकर किसी से फोन पर बात कर रहा था। आशंका है कि इसी दौरान वह 11 हजार वोल्टेज की बिजली लाइन की चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई। वसुंधरा चौकी इंचार्ज यतेंद्र कुमार का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत का सही कारण पता चल पाएगा। शाम को परिजन शव को इंदिरापुरम थाने लेकर पहुंचे। वहां थाना प्रभारी देवपाल पुंडीर ने परिजनों से पहले शव का अंतिम संस्कार करने के लिए कहा। अभी तक पुलिस को मामले में लिखित शिकायत नहीं मिली है।
होटल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि होटल की बालकनी के बराबर से बिजली के तार गुजर रहे हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखकर मालिक या प्रबंधन ने खतरे की जगह को बंद नहीं किया। इतना ही नहीं, बिजली के तारों की चपेट में कोई शख्स नहीं आए इसके लिए वहां सुरक्षा इंतजाम भी नहीं किए हैं। इससे प्रबंधन की लापरवाही नजर आती है। इसके अलावा जब जीतू काफी देर तक बालकनी से बाहर नहीं पहुंचा तो स्टाफ के लोगों ने उसकी तलाश क्यों नहीं की।
तीन बहनों का इकलौता भाई था जितेंद्र
पिता पवन ने बताया कि उनके चार बच्चों में जीतू तीन बहनों का इकलौता भाई था। घर का खर्चा चलाने के लिए शहर भेजा था। हादसे के बाद वह टूट चुके हैं। जांच अधिकारी उपनिरीक्षक यतेंद्र कुमार का कहना है कि होटल के सीसीटीवी फुटेज में जीतू नहीं दिखाई दिया है, बालकनी में जहां उसका शव पड़ा था वह जगह रेंज से बाहर थी।