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कनाडा से घर पहुंचा कार्तिक का शव, पिता और भाई ने दी मुखाग्नि

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कनाडा से घर पहुंचा कार्तिक का शव, पिता और भाई ने दी मुखाग्नि
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साहिबाबाद। कनाडा के टोरंटो में एमबीए छात्र कार्तिक वासुदेव की सात अप्रैल को हत्या होने के बाद उसका शव शनिवार को 30 मिनट देरी से दोपहर 12 बजे विमान में दिल्ली इंदिरा गांधी एयरपोर्ट पहुंचा। वहां पिता और परिजनों ने करीब सवा दो घंटे तक कागजी प्रक्रिया की। दोपहर तीन बजे राजेंद्र नगर स्थित आवास पर शव पहुंचने पर मां व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। शाम 5:20 बजे हिंडन शमशान घाट पर पिता और छोटे भाई ने मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार किया। रविवार को परिजन हरिद्वार में छात्र की अस्थियों का विसर्जन करेंगे।
छात्र के फूफा नरेश कुमार ने बताया कि कार्तिक का शव लेने के लिए पिता जितेश वासुदेव समेत सात लोग सुबह 11 बजे ही दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच गए थे। सुबह 11:30 बजे विमान आना था लेकिन 30 मिनट देरी से फ्लाइट पहुंची। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने कागजी प्रक्रिया के लिए शव को रोक लिया। इसमें करीब सवा दो घंटे का समय लगा। यह सब पूरा करने के बाद वह निजी एंबुलेंस की मदद से शव को दोपहर करीब तीन बजे केशव कुंज स्थित घर पर लेकर पहुंचे। वहां लोगों की भीड़ और रिश्तेदार सभी लोग शव देखकर रोने लगे, जब मां पूजा वासुदेव बार-बार बेटे का चेहरा देखकर रोने लगीं तो बाकी महिलाएं उन्हें सांत्वना दे रही थीं। बेटे कार्तिक को फोटो खींचने का शौक था जिसकी वजह से रोते हुए मां बार-बार उसे फोटो क्लिक करने को कहकर रो रही थी। करीब पांच मिनट छात्र का शव अंतिम दर्शन के लिए रखा गया था। इसके बाद एंबुलेंस में ही सभी लोग शव लेकर हिंडन शमशान घाट पहुंचे। वहां शीशे के ताबूत में लोगों ने छात्र को अंतिम बार देखकर श्रद्धांजलि दी। पिता जितेश वासुदेव और छोटा भाई पार्थ वासुदेव ने मिलकर कार्तिक को मुखाग्नि दी। जितेश वासुदेव ने बताया कि रविवार को कार्तिक की अस्थियों को हरिद्वार में विसर्जित किया जाएगा। मंगलवार शाम करीब तीन बजे छात्र के लिए श्रदांजली सभा होगी। इस सप्ताह में सभी प्रक्रिया पूरी करने के बाद परिवार के तीन लोग कनाडा के लिए रवाना हो जाएंगे। वहां जाकर सरकारी अधिवक्ता के अलावा निजी वकील की भी मदद लेंगे। वह लोग लगातार कानूनी जानकारों से संपर्क में है। उन्हें अधिवक्ता ने आश्वासन देकर बताया कि सभी कानूनी प्रक्रिया करीब दो से ढाई साल में पूरी होगी। उसके बाद ही आरोपी को कम से कम 30 वर्ष की सजा होगी।
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सभी का सिर्फ एक सवाल, आखिर क्यों हुई हत्या :
हिंडन घाट पर तमाम लोगों के बीच सिर्फ एक सवाल था कि आखिर आरोपी ने कार्तिक को गोली क्यों मारी। इस वजह को जानने के लिए अगले हफ्ते परिवार के तीनों लोग कनाडा रवाना होंगे। फूफा का कहना है कि भारतीय और कनाडा दूतावास से परिवार को पूरे जीवन के लिए वीजा मिला है। वह छात्र के मामले में कभी भी कनाडा आ जा सकते हैं।
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यह था पूरा मामला :
राजेंद्र नगर सेक्टर-5 निवासी जितेश वासुदेव का बड़ा बेटा कार्तिक वासुदेव 4 जनवरी को टोरंटो के सेनिका विश्वविद्यालय में ग्लोबल मार्केटिंग की पढ़ाई करने गया था। पिता ने बेटे की पढ़ाई के लिए करीब 35 लाख का लोन लिया था। वह पढ़ाई के साथ-साथ एक रेस्त्रां में पार्ट टाइम जॉब भी करता था। छात्र की हत्या के बाद परिवार के लोग काफी टूट गए हैं। पिता और अन्य परिजनों ने मामले में सहयोग के लिए भारत सरकार, विदेश मंत्री एस जयशंकर और भारतीय व कनाडा मीडिया का आभार व्यक्त किया।
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