दो हफ्ते पहले रची गई थी मासूम के अपहरण की साजिश
खोड़ा। वंदना एंक्लेव निवासी चौथी कक्षा के छात्र हर्ष उर्फ कान्हा की फिरौती के लिए हत्या का पुलिस ने बृहस्पतिवार को खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी सिटी प्रथम निपुण अग्रवाल ने बताया कि हर्ष के मौसेरे भाई प्रियांश ने दो हफ्ते पूर्व अपहरण की साजिश रची थी जबकि दूसरे आरोपी आकाश को माता-पिता के इलाज के लिए पैसों की जरूरत थी। दोनों ने साथ मिलकर हर्ष को आसान शिकार माना था। बाद में वारदात को अंजाम देने के लिए तीसरे आरोपी राजकुमार उर्फ राजू को भी शामिल कर लिया था।
पुलिस अधीक्षक अपराध डॉ. दीक्षा शर्मा ने बताया कि खोड़ा पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्या में प्रयोग चाकू व स्कूटी नोएडा सेक्टर-54 के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से बरामद कर ली है। तीनों ने हर्ष की हत्या करने के बाद चाकू को एक पेड़ के नीचे दबा दिया था। इसके पहले तीनों स्कूटी में ही चाकू, साड़ी के टुकड़े और बोरा लेकर गए थे। हर्ष की हत्या के शक में मौसेरे भाई 10वीं के छात्र प्रियांशु को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया था। इसके बाद दीपक विहार निवासी 10वीं का छात्र राजू उर्फ राजकुमार व राजीव विहार में रहने वाले 12वीं पास आकाश को भी हिरासत मे ले लिया था। तीनों आरोपियों ने पूछताछ में अपनी उम्र 18 वर्ष बताई है। घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी आकाश की स्कूटी पर छात्र को बैठाकर नोएडा सेक्टर-54 के खरगोश पार्क ले गए थे। वहां हाथ-पैर बांधकर उसकी पिटाई की। आरोपी 15-20 लाख रुपये की फिरौती मांगना चाह रहे थे लेकिन हर्ष स्कूटी से भागने लगा। अपहरण का भेद खुलने के डर से आरोपियों ने शर्ट से उसका मुंह बंद कर दिया। बाद में उसका हाथ और राजू ने पैर पकड़ लिया फिर आकाश ने गले व पेट में चाकू से वार करके उसकी निर्मम हत्या कर दी।
पिता का बलिया में है स्कूल
पूछताछ में आरोपी प्रियांशु ने बताया कि हर्ष के पिता अजीत सिंह का बलिया में स्कूल है। वह घर में मोटा पैसा रखते हैं लेकिन किसी के सामने दिखावा नहीं करते हैं। इस वजह से उन्हें उम्मीद थी कि छात्र का अपहरण करने के बाद दो-तीन घंटे में फिरौती में मांगी रकम मिल जाएगी।
परिवार के साथ तलाश में करता रहा नाटक
पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपी प्रियांश, राजकुमार व आकाश तीनों हत्या करने के बाद घर आ गए थे। प्रियांश अपने मौसा के साथ मिलकर छात्र की तलाशी के लिए नाटक करता रहा लेकिन जब परिवार को उसके व्यवहार पर शक हुआ तो वह उसे नोएडा की एक चौकी पर ले गए। परिजन चाहते थे कि पुलिस के डर से प्रियांश सब उगल दे लेकिन आरोपी ने वहां भी कुछ नहीं बताया।