चारों तरफ हो रही थी बमबारी, लग रहा था नहीं पहुंच पाएंगे घर
लोनी। लोनी के विकास कुंज निवासी शिवम ठाकुर बुधवार को अपने घर पहुंचे। अपने लाल को सही सलामत देखकर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अपने लाल को गले लगाकर मां रजनीश ने खुशी के आंसू बहाए। कालोनी के लोगों ने ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। शिवम ने बताया कि चारों यूक्रेन के हालात बेहद खराब हो चुके हैं। चारों ओर बमबारी हो रही है। लोग रात दिन जान बचाकर भाग रहे हैं। एक बार तो उसे लगा कि अब वह घर नहीं पहुंच पाएगा। वह किसी तरह हंगरी बार्डर पहुंचा।
शिवम जैसे ही एयरपोर्ट पर उतरे पिता अशोक और भाई मनोज की आंखों से आंसू छलक गए। जिगर के टुकड़े को गले लगाकर अशोक ने भगवान का शुक्रिया अदा किया।
घर से कुछ दूरी पर बने शिव मंदिर में खड़े कॉलोनी के लोगों ने शिवम का स्वागत किया। यहां से कॉलोनी के लोग पहले से मौजूद थे। मां रजनीश ने शिवम को टीका लगाकर गले से लगा लिया। शाम को शिवम के लिए घर में उसकी पसंद का खाना बनाया गया। कॉलोनी में मिठाइयां बांटी गई। आसपास के लोग शिवम से मिलने आए। लोनी एसडी एम संतोष कुमार भी शिवम से मिलने उनके घर पहुंचे।
------
सामने की बिल्डिंग में मिसाइल गिरी
शिवम ने बताया कि यूक्रेन की यूनिवर्सिटी में वह अपने कुछ साथियों के साथ था। युद्ध का माहौल बनने का पता लगने पर वह पैसे निकालने एटीएम गए थे। लेकिन पैसे नहीं निकले, डालर भी नहीं बदल रहे थे। पास की एक सिटी टरनोबल में रात में हमला हुआ। इसके बाद उनके सामने एक बिल्डिंग में मिसाइल आकर गिरी। इस दौरान लगा कि अब हम नहीं बच पाएंगे। इसके बाद वह और अन्य साथी बंकर में चले गए। रविवार को वहां से चले थे। दो दिनों तक खाने की परेशानी नहीं हुई। इसके बाद खाने पानी की परेशानी उठानी पड़ी। वह किसी तरह हंगरी बॉर्डर पहुंचे। यहां उन्हें दूतावास के लोग मिले। इसके बाद उन्होंने राहत की सांस ली।
---------
बेहटा हाजीपुर के रोहन और भरत सत्यबली भी देर रात पहुंचे घर
यूक्रेन में मेडिकल की पढ़ाई करने गए बेहटा हाजीपुर के रोहन और इसी इलाके के उत्तरांचल सोसायटी निवासी भरत सत्यबली देर रात अपने घर पहुंचे। परिजन दोनों को इंदिरागांधी एयरपोर्ट दिल्ली से लेकर आए। घर पहुंचने पर दोनों को आरती उतारकर स्वागत किया गया। कालोनी के लोगों ने उनसे वहां के हालात के बारे में जानकारी ली। रोहन ने बताया कि यूक्रेन में अभी हजारों भारतीय छात्र फंसे हैं। खाने पीने की दिक्कत हो गई है।
----------