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सीएनजी बसों, ऑटो और ई-रिक्शा के परमिट होंगे सीमित, बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग

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सीएनजी बसों, ऑटो और ई-रिक्शा के परमिट होंगे सीमित, बनेगी मल्टीलेवल पार्किंग
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साहिबाबाद। कौशांबी में प्रदूषण और पार्किंग की समस्या के निदान के लिए सुप्रीम कोर्ट ने कमेटी गठित की थी, जिसका नोडल अधिकारी डीएम को नामित किया है। कमेटी ने कौशांबी और साहिबाबाद औद्येगिक क्षेत्र साइट-4 का निरीक्षण करने के बाद तीन दिन में ट्रैफिक प्लान तैयार कर लिया है। जिसमें है कि सीएनजी बसों, ऑटो और ई-रिक्शा के परमिट सीमित किए जाएंगे, जाम से निपटने के लिए मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाए, कौशांबी डिपो का एक गेट किया जाएगा ताकि बसों से लगने वाले जाम को रोका जा सके आदि शामिल हैं। वहीं, डीएम ने भी इस प्लान के लिए अपने स्तर से भी कमेटी गठित की है। क्षेत्रीय प्रदूषण अधिकारी को इस समिति का सदस्य सचिव बनाया है।
दिल्ली-यूपी के अफसर करेंगे कौशांबी का संयुक्त निरीक्षण
समिति ने सीएनजी सिटी बसों को लेकर भी बड़ा निर्णय लिया है। प्लान में तय हुआ है कि ऐसी बसें जो आनंद विहार से चलती थीं, वह दिल्ली सरकार द्वारा ओवर हाइट बैरियर लगाने से अब पैसेफिक मॉल के सामने सवारी लेकर डाबर तिराहे से आगे बढ़ती हैं। कमेटी के मुताबिक, इन बसों के लिए कौशांबी डिपो पर कोई स्टैंड नहीं हैं। लिहाजा इन बसों का परमिट निरस्त किया जाएगा। पुलिस चेकिंग में सीज वाहनों को खड़ा करने के लिए भी जीडीए/नगर निगम डंपिंग यार्ड बनवाएगा। इसी तरह कौशांबी क्षेत्र से ईडीएम मॉल होते हुए जो लोग दिल्ली जाते हैं, उन्हें वहां पुलिस व एमसीडी टोल बूथ से गुजरना पड़ता है। कमेटी ने इन दोनों बूथों को हटाने का निर्णय लिया है। जिससे कौशांबी आने वाले वाहन लेफ्ट फ्री किए जाए सकें। इस प्वाइंट पर एक डिवाइडर भी बनेगा। आनंद विहार से महाराजपुर आने वाले रास्ते पर जर्सी बैरियर से रास्ता जाम होता है। यहां से इस अवरोध को हटाया जाना जरूरी है। इसके अलावा दिल्ली आनंद विहार से कौशांबी-महाराजपुर आने वाले रास्ते पर अतिक्रमण से जाम की समस्या होती है। इसे हटाकर लेफ्ट फ्री लेन तैयार की जाएगी। डीएम ने इस ट्रैफिक प्लान को दिल्ली के आला अधिकारियों से भी साझा किया है। साथ ही उन्होंने दिल्ली और यूपी के आला अधिकारियों का कौशांबी क्षेत्र में संयुक्त निरीक्षण छह अप्रैल को तय किया है, जिससे आगे की स्थिति को तैयार किया जाएगा।
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यह है ट्रैफिक प्लान, तीन दिन में बनाया
- डाबर से महाराजपुर तक डॉ. वर्मन रोड- वेब चौराहे पर दो यूटर्न बनाए जाएंगे। चौराहे को बंद किया जाएगा।
- पैसेफिक मॉल के सामने लो हाइट बैरियर के आगे (50 मीटर पश्चिम की तरफ) यूटर्न और यूटर्न से निकलने वाले वाहनों के लिए 100 मीटर पूर्व की तरफ पक्की लेन का निर्माण होगा। महाराजपुर टी-प्वाइंट को बंद किया जाएगा।
- कौशांबी क्षेत्र (आनंद विहार जाने वाले) के बायीं तरफ खाली स्थान पर ऑटो पार्किंग व रेहड़ी/पटरी वालों के लिए स्थान दिया जाएगा।
- कौशांबी मेट्रो स्टेशन के पास खड़े होने वाले ऑटो, सभी वाहन पार्किंग में खड़े होंगे या फिर ईडीएम मॉल की ओर से गंतव्य की तरफ जाएंगे।
- कौशांबी डिपो के बाहर खड़े होने वाले ऑटो सौर ऊर्जा मार्ग कौशांबी बस अड्डा गेट नंबर-1 के पास खड़े होंगे।
- कौशांबी से चलने वाले ऑटो/ई-रिक्शा का परमिट सीमित कर इनकी संख्या कम की जाएगी।
- कौशांबी मेट्रो स्टेशन की पार्किंग को सर्विस रोड की ओर मल्टीलेवल बनाया जाएगा।
- शहर में चलने वाले ऑटो/ई-रिक्शा पर कलर कोडिंग कर इनके रूट परमिट तय किए जाएंगे।
- निजी अस्पतालों के वाहनों से सड़क पर जाम लगता है। इसके लिए भी मल्टीलेवल पार्किंग बनाई जाएगी।
रोडवेज बसों के लिए रूट प्लान तय
सभी बसें महाराजपुर-सौर ऊर्जा मार्ग गेट नंबर-1 की तरफ से डिपो में एंट्री करेंगी और पैसेफिक मॉल के बराबर वाले गेट से बाहर निकलेंगी। जबकि दिल्ली-आनंद विहार बॉर्डर गेट (कौशांबी डिपो का गेट) को बंद किया जाएगा। इसमें तर्क दिया गया है कि यहां से जब भी बसें निकलती हैं तो दिल्ली से यूपी आने वाले वाहनों के बीच जाम लगता है। सौर ऊर्जा मार्ग पर डॉ. बर्मन रोड (हनुमान मंदिर) के पास लो हाइट बैरियर लगाकर रांग साइड दौड़ने वाले भारी और बड़े वाहनों को रोका जाएगा, ऐसे में कौशांबी डिपो आने वाली रोडवेज बसें अब डाबर तिराहे से पहले लिंक रोड से सौर ऊर्जा मार्ग होते हुए डिपो में गेट नंबर-1 से प्रवेश करेंगी। इसी तरह मोहननगर और सीआईएसएफ रोड से आने वाली बसें वसुंधरा अंडरपास से सौर ऊर्जा मार्ग से होकर डिपो में घुसेगी
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कोर्ट में अगली सुनवाई 14 अप्रैल को
कारवां अध्यक्ष विनय कुमार मित्तल ने बताया कि 24 मार्च को सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई की थी, जिसमें कौशांबी में एनजीटी के पूर्व में दिए गए आदेशों का सख्ती से पालन न होने पर गंभीरता दिखाकर सख्त नाराजगी भी जाहिर की थी। कोर्ट ने समाधान के लिए दिल्ली और यूपी के अधिकारियों की एक समिति बनाने के आदेश दिए थे। इसमें मंडल आयुक्त, जिलाधिकारी, जीडीए उपाध्यक्ष, एसएसपी, परिवहन आयुक्त, नगर आयुक्त समेत दिल्ली के परिवहन सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त व पूर्वी दिल्ली नगर निगम आयुक्त को समिति में शामिल किया गया था। इस कमेटी को अपनी रिपोर्ट 14 अप्रैल तक कोर्ट में देनी है। अब डीएम गाजियाबाद अजय शंकर पांडेय ने भी अपने स्तर से समिति का गठन किया। इसमें अपर जिला अधिकारी (नगर), नगर निगम, गाजियाबाद विकास प्राधिकरण, आरएम यूपीएसआरटी, पुलिस अधीक्षक (यातायात), सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) एवं क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण को नामित कर इन सभी को तीन दिन में कौशांबी के लिए ट्रैफिक प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस समिति का सदस्य सचिव प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी को बनाया गया है। बृहस्पतिवार को डीएम अजय शंकर पांडेय ने समिति अधिकारियों के साथ बैठक कर ट्रैफिक प्लान पर चर्चा की।
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