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पिछला साल कोरोना में गया, ये साल किसान आंदोलन में जाएगा : राकेश टिकैत

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पिछला साल कोरोना में गया, ये साल किसान आंदोलन में जाएगा : राकेश टिकैत
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साहिबाबाद। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी गेट पर बृहस्पतिवार को किसानों के बीच एक बार फिर लंबे आंदोलन की हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि सरकार से अभी कोई न्योता नहीं आया है। वर्ष 2020 कोरोना काल में गया। अब वर्ष 2021 किसान आंदोलन में बीतेगा। उन्होंने किसानों से कहा कि वह नवंबर-दिसंबर तक आंदोलन चलाने के लिए तैयार हो जाएं। राकेश टिकैत ने कहा कि आंदोलन से देश को कोई नुकसान नहीं होगा, बल्कि नुकसान तो रेल बेचने और कर्मचारियों को नौकरियों से हटाने से होगा। किसान खेत में काम कर रहा है, वह देश को भूखा नहीं रहने देगा।
महाशिवरात्रि के दिन राकेश टिकैत ने सुबह मंदिर जाकर जलाभिषेक किया। मंदिर के पंडित ने मंत्रोच्चार के साथ पूरी विधि-विधान से पूजा पाठ कराई। इस दौरान उनके साथ प्रदेश अध्यक्ष राजवीर सिंह जादौन और भाकियू युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष गौरव टिकैत व गौरव बालियान ने भी पूजा की। बाद में राकेश टिकैत ने अन्य किसान पदाधिकारियों के साथ यूपी गेट पर हवन किया। जिसमें किसानों ने आहुति देकर सरकार द्वारा लाए कृषि कानूनों को वापस लेने की प्रार्थना की। यहां राकेश टिकैत ने कहा कि 26 मार्च को भारत बंद को सफल बनाने के लिए मजदूर और ट्रांसपोर्टर व दुकानदार संगठनों को शामिल किया जाएगा। संयुक्त किसान मोर्चा की रणनीति को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि 15 मार्च को किसान कारपोरेट विरोध दिवस मनाएंगे। इसमें डीजल-पेट्रोल और रसोई गैस सिलिंडर के दाम बढ़ने के खिलाफ डीएम-एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा जाएगा। 17 मार्च को मजदूर संगठनों के साथ भारत बंद की सफलता के लिए रणनीति तैयार होगी। 19 मार्च को एफसीआई और खेती बचाओ कार्यक्रम के तहत मंडियों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 23 मार्च को शहीद भगत सिंह के शहीदी दिवस पर युवा किसान आंदोलन की कमान संभालेंगे। 26 मार्च को भारत बंद होगा और फिर 28 मार्च को देशभर में होलिका दहन में किसान विरोधी कानूनों की कॉपी जलाकर विरोध किया जाएगा।
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उधर, मंच संचालक चौ. ओमपाल मलिक ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने रोजाना 11 किसानों को कानूनों के खिलाफ अनशन पर बैठने की रणनीति तय की हुई। इसके तहत बृहस्पतिवार को भी 11 किसान सुबह आठ बजे से 24 घंटे के लिए अनशन पर बैठे। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड व अन्य जगहों के आए किसानों ने मंच से संबोधन किया। भाकियू के जिलाध्यक्ष चौ. बिजेंद्र सिंह का कहना है कि रोजाना एक-एक गांव के 200-200 किसान यूपी गेट पहुंचकर आंदोलन को मजबूती दे रहे हैं।
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