धार्मिक स्थल भी कोरोना संक्रमण रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मंदिरों और मस्जिदों से अपील किए जाने के बाद जिले में टीकाकरण 10 गुना बढ़ गया। स्वास्थ्य विभाग खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में धर्मगुरुओं की मदद से कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण के प्रति लोगों को जागरूक कर रहा है। धार्मिक स्थलों से और धर्मगुरुओं की अपील के बाद लोग टीका लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं।
यूनिसेफ के सर्वे में जिले में कई ऐसे क्षेत्र चिन्हित किए गए हैं, जहां पर 130 से 300 लोगों ने ही टीका लगवाया था। टीके को लेकर लोगों में कई तरह की आशंकाएं हैं। मंदिर-मस्जिद से अपील के बाद लोगों में टीकाकरण के प्रति जागरूकता आई है।
124 जगहों पर कराई अपील
यूनिसेफ के जिला कोआर्डिनेटर मोहम्मद शादाब ने बताया कि अब तक सर्वे के साथ 124 क्षेत्रों में लोगों को जागरूक किया गया। उनकी काउंसिलिंग की गई। धर्मगुरुओं की अपील के बाद लोग टीका लगवाने के लिए आगे आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि बरेलवी व देवबंदी धर्मगुरुओं से संपर्क कर एलान कराया गया कि वैक्सीन से कोई साइड इफेक्ट नहीं है। पसौंडा, कैला भट्ठा, डासना, नाहल, तोड़ी भोजपुर, लोनी, कलछीना में मस्जिदों से एलान कराया गया। दूधेश्वरनाथ मंदिर में पहले से ही जारी किया गया कि वैक्सीनेशन कराने के बाद मंदिर में आएं, इससे लोगों एक चेतना आई और टीकाकरण करवा रहे हैं। मुरादनगर, लोनी व मोदीनगर में भी अपील की गई।
भ्रामक वीडियो से बचें लोग
एक भ्रामक वीडियो वायरल हो रही है, जिसमें वैक्सीन के साइड इफैक्ट व अन्य समस्याओं को बताया जा रहा है। मोहम्मद शादाब ने बताया कि वीडियो को लखनऊ भेजा गया है। लोगों को बताया कि वीडियो में बताई गईं बातें गलत हैं।
लोगों में क्या हैं भ्रांतियां
अलग-अलग समुदाय की अलग-अलग वैक्सीन।
टीका लगने के बाद घुटने में दर्द की शिकायत।
नपुंसकता व बांझपन की समस्या आएगी।
शरीर के किसी भी अंग में साइड इफेक्ट।
टीके के बाद कई माह तक बुखार आएगा।