तीन स्तरीय पंचायत चुनाव में जुलूस निकालने पर मसूरी पुलिस ने बसपा विधायक असलम चौधरी और उनकी पत्नी के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज किया है। विधायक की पत्नी वार्ड-10 से जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार हैं। आरोप है कि विधायक ने पत्नी के चुनाव के मद्देनजर शुक्रवार को डासना-मसूरी में झंडे बैनर के साथ जुलूस निकाला। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
रोन एनक्लेन डासना निवासी असलम चौधरी धौलाना विधान सभा क्षेत्र से बसपा के विधायक हैं। उनकी पत्नी नसीम बेगम वार्ड-10 से जिला पंचायत सदस्य पद की उम्मीदवार हैं। बताया गया है कि पत्नी के चुनाव के मद्देनजर विधायक असलम चौधरी ने शुक्रवार को अपने समर्थकों के साथ डासना और मसूरी में पैदल जुलूस निकाला। इस दौरान जूलूस में 100 से अधिक लोग शामिल थे।
जुलूस की वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं। इसके अलावा अभिसूचना इकाई ने भी उच्चाधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजी थी। एसपी ग्रामीण डॉ. ईरज राजा ने बताया कि सौ से अधिक लोगों के साथ पार्टी विशेष के झंडे-बैनरों के साथ जुलूस निकालकर आचार संहिता का उल्लंघन किया गया है। लिहाजा विधायक असलम चौधरी और उनकी पत्नी नसीम बेगम के खिलाफ आचार संहिता के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। जुलूस में शामिल अज्ञात लोगों को भी मुकदमे में शामिल किया गया है।
चुनाव आयोग को भेजी जाएगी रिपोर्ट
एसपी ग्रामीण ने बताया कि मसूरी में जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार सतीश प्रधान ने मतदाताओं के लिए शराब मंगाई थी। इसके अलावा मुरादनगर में भाभी के चुनाव के लिए शराब लाने वाले फौजी को गिरफ्तार किया गया था। उक्त दोनों मामलों के अलावा विधायक द्वारा आचार संहिता के उल्लंघन के मामले की रिपोर्ट चुनाव आयोग को भेजी जाएगी। आगामी कार्रवाई चुनाव आयोग द्वारा की जानी है।