एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि घटना के लिए पुलिस की छह टीमें लगी थीं। रविवार को पुलिस टीम ने तिबड़ा मार्ग पुलिया के पास से दो आरोपियों मेजर उर्फ जावेद और सुहेल निवासी गांव मछरी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा बरामद किया।
गाजियाबाद के मोदीनगर की विश्वकर्मा कॉलोनी में बीते 16 अक्तूबर को गोलियों से भूनकर की गई किन्नरों के चालक एहसान की हत्या के मामले में पुलिस ने रविवार को मेजर उर्फ जावेद और सुहेल को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा कर दिया।
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आरोपियों ने अपने साथियों के साथ मिलकर भाई अलबख्श की हत्या का बदला लेने के लिए एहसान की हत्या की थी। पुलिस के अनुसार हत्याकांड में चार आरोपी अभी फरार हैं। बीते 16 अक्तूबर को विश्वकर्मा कॉलोनी स्थित अपने मकान की साफ-सफाई करने आए एहसान की छह से अधिक हमलावरों ने गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। एहसान के सिर में चार गोलियां मारी गई थीं।
एहसान की पत्नी फरजाना ने सुहेल, मेजर उर्फ जावेद, सादिम, राशिद निवासी गांव मछरी थाना भोजपुर व पूजा किन्नर, मोमीन निवासी नोएडा गौतमबुद्धनगर और आबिद निवासी अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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पुलिस ने दो आरोपियों को पकड़ा
एसीपी मोदीनगर अमित सक्सेना ने बताया कि घटना के लिए पुलिस की छह टीमें लगी थीं। रविवार को पुलिस टीम ने तिबड़ा मार्ग पुलिया के पास से दो आरोपियों मेजर उर्फ जावेद और सुहेल निवासी गांव मछरी को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा बरामद किया।
पुलिस को पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि बीते एक मार्च को एहसान ने बधाई विवाद में किन्नर निशा के साथ मिलकर उनके भाई अलबक्श की हत्या की थी। वह अपने भाई अलबख्श की हत्या का बदला लेने की फिराक में थे।
एहसान और निशा बीते सितंबर में जैसे ही जेल से जमानत पर आए तो उन्होंने उनकी रेकी शुरू कर दी और बीते 16 अक्टूबर को एहसान और किन्नर निशा जब अपने बंद मकान की साफ-सफाई करने पहुंचे तभी उन्होंने अपने साथियों के साथ मिलकर गोलियों से भूनकर एहसान की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार हत्याकांड में सादिम, राशिद, किन्नर पूजा और मोमीन अभी वाछिंत हैं। एक आरोपी आबिद जेल में बंद है।
एहसान के परिजनों के अनुसार आबिद ने ही हत्या का षड्यंत्र रचा था और हत्याकांड से दो दिन पूर्व पुराने मामले में जमानत तुड़वाकर जेल चला गया था। बतादें कि आबिद मृतक ढोलक वादक अलबख्श का पिता है। अलबख्श किन्नर पूजा पक्ष का ढोलक वादक था। अलबख्श की बीते एक मार्च को हत्या कर दी गई थी। इसमें एहसान और किन्नर निशा जेल गए थे।
हत्या आरोपी क्षेत्र में बेखौफ घूमते मिले
दस दिन से पुलिस की टीमें एहसान की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए खाक छान रही थी और हत्या आरोपी क्षेत्र में बेखौफ घूम रहे थे। पुलिस के अनुसार टीम ने रविवार को हत्या आरोपियों को थाने से मात्र लगभग एक किमी दूरी पर घूमते हुए गिरफ्तार किया। आरोपी हत्या करने के बाद क्षेत्र में इधर-उधर घूमते रहे और पुलिस दस दिन तक उन्हें पकड़ने में विफल रही।