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UP: वो बेसुध था, खाकी ने भी नहीं ली सुध, पिंक बूथ परिसर में तड़पता रहा राजकुमार; इन सवालों के जवाब का इंतजार

Wed, 15 Jul 2026 03:33 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, गाजियाबाद

सार

गाजियाबाद के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर राजकुमार की मौत के मामले की जांच एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह ने शुरू कर दी है। एसीपी ने घटना की सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो विश्लेषण के लिए एकत्र किए हैं। उन्हें तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट डीसीपी सिटी धवल जायसवाल को सौंपनी होगी।
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ghaziabad youth death - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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गाजियाबाद में आमजन की सुरक्षा की शपथ लेने वाली खाकी उस वक्त संवेदनहीन नजर आई, जब राजकुमार जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे थे। पिंक बूथ परिसर में बिखरे खून के निशान पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कमिश्नरेट पुलिस हादसों में घायल व्यक्ति की जान बचाने के लिए लगातार गोल्डन ऑवर की अहमियत समझाती है, लेकिन राजकुमार के मामले में यही जीवनरक्षक समय आंखों के सामने गुजरता रहा और पुलिसकर्मी तमाशबीन बने रहे।
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बिहार के सीवान जिले के बढुलिया गांव निवासी राजकुमार (22) सेक्टर-23 संजयनगर में किराये के मकान में रहता था। महज दो कमरों के इस घर में पहले से ही जिंदगी की मुश्किलें कम नहीं थीं। पिता भोला (71) चार वर्षों से कोमा में हैं। ब्रेन हेमरेज के बाद आर्थिक तंगी के कारण उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका और वह पिछले चार साल से दुनिया से बेखबर हैं।

अब परिवार की जिम्मेदारी राजकुमार के कंधों पर थी। दिन-रात पति भोला की सेवा में जुटी राजकुमार की मां चिंता देवी के सामने अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम कौन करेगा। राजकुमार का छोटा भाई अजय दिव्यांग है।

बोलने में असमर्थ अजय अब भी अपने भाई के लौटने का इंतजार कर रहा है। उसे मासूम उम्मीद है कि राजकुमार आएगा और घर में जुटी भीड़ को हटा देगा। दूसरा भाई गंगा मुंबई में पेंटर का काम करता है, वह राजकुमार के अंतिम दर्शन भी नहीं कर सका। वह बुधवार को घर पहुंचेगा।

वहीं, राजकुमार की पत्नी गुड़िया आठ माह की गर्भवती है। पति की मौत के सदमे में पिछले 36 घंटे से उसके मुंह से निवाला तक नहीं उतरा है। परिवार को सांत्वना देने पहुंचे लोग घटना को लेकर पुलिसकर्मियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते नजर आए।

पिंक बूथ पर कौन था पुरुष पुलिसकर्मी?
12 जुलाई को हुई घटना के बाद 13 जुलाई को मामले की पड़ताल के लिए मीडियाकर्मी पिंक बूथ पहुंचे तो वहां सादी वर्दी में एक पुरुष पुलिसकर्मी मौजूद मिला। पिंक बूथ प्रभारी के कार्यालय में वह सरकारी दस्तावेजों का काम करता नजर आया। आसपास के लोगों ने बताया कि यह पुरुष पुलिसकर्मी अक्सर प्रभारी कार्यालय के एसी कमरे में बैठकर सरकारी काम करता है। लोगों के अनुसार घटना वाले दिन भी वह कार्यालय में मौजूद था, जबकि बूथ पर दो महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती थी।

पिंक बूथ के बाहर मौत मामले की जांच एसीपी महिला अपराध को
गाजियाबाद के संजयनगर सेक्टर-23 स्थित पिंक बूथ के बाहर राजकुमार की मौत के मामले की जांच एसीपी महिला अपराध सुचिता सिंह ने शुरू कर दी है। एसीपी ने घटना की सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो विश्लेषण के लिए एकत्र किए हैं। उन्हें तीन दिन के भीतर जांच रिपोर्ट डीसीपी सिटी धवल जायसवाल को सौंपनी होगी।
 

डीसीपी ने बताया कि पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच की जा रही है। 12 जुलाई को हुई घटना के दौरान पिंक बूथ पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों से पूछताछ कर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद अब उन पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है।

डीसीपी ने बताया कि पिंक बूथ में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरा घटनाक्रम कैद है। घटना करीब 20 से 25 मिनट के अंतराल में हुई। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर घायल राजकुमार को उपचार के लिए भेजा था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अत्यधिक रक्तस्राव के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है।
 

उधर, मृतक राजकुमार की मां शांति देवी ने अज्ञात ऑटो चालक और उसके साथियों के खिलाफ मारपीट और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। उन्होंने उपचार में हुई देरी की भी जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने परिजनों को आश्वासन दिया है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और उसका नाम एफआईआर में शामिल किया जाएगा।
 

इन सवालों के जवाब का इंतजार
  • महिला पुलिसकर्मियों ने घायल राजकुमार के लिए तत्काल एंबुलेंस क्यों नहीं बुलाई?
  • मरणासन्न हालत में पड़े राजकुमार को मदद देने के बजाय अधिकारी को सूचना देने में समय क्यों लगाया गया?
  • ड्यूटी पर तैनात महिला पुलिसकर्मी, थानाध्यक्ष और चौकी प्रभारी घटनाक्रम की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर क्यों डालते रहे?
  • घटना के वक्त पिंक बूथ प्रभारी कहां थीं?
  • टूटे शीशे को तुरंत बदलवा दिया गया, लेकिन घायल राजकुमार का रक्तस्राव रोकने की कोशिश क्यों नहीं की गई?
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जांच पूरी होने के बाद जो भी पुलिसकर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामला अतिसंवेदनशील है। सीसीटीवी फुटेज का आंकलन कर लिया गया है। पुरुष पुलिसकर्मी कौन था, इसकी भी जानकारी जुटाई जा रही है।-धवल जायसवाल, डीसीपी सिटी
 
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