किसान आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय हस्तियों से मिल रहे समर्थन के बारे में पूछे जाने पर भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि अगर ऐसा है तो इसमें दिक्कत क्या है। पर साथ ही टिकैत ने पूछा कि ये हस्तियां हैं कौन, मैं इन्हें नहीं जानता। बकौल टिकैत- मुझे क्या पता, करा होगा, मैं क्यों उन्हें जानूं।
जब टिकैत को बताया गया कि अमेरिकी पॉप गायिका रिहाना, वयस्क फिल्मों की कलाकार मिया खलीफा, स्वीडन की जलवायु कार्यकर्ता ग्रेटा थमबर्ग ने समर्थन किया है तो किसान नेता ने कहा कि कोई विदेशी अगर समर्थन कर रहा है तो क्या दिक्कत है, कुछ ले-दे थोड़ी न रहा है।
गाजीपुर बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों से मिलने की असफल कोशिश करने वाले 15 संसद सदस्यों के बारे में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता ने कहा कि सांसद अवरोधक के दूसरी ओर जमीन पर बैठे क्योंकि दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया था। टिकैत ने बताया कि उन्होंने गाजीपुर मिलने आने की कोशिश करने वाले 15 सांसदों में से किसी से बात नहीं की, उन्हें प्रदर्शनकारियों से बात नहीं करने दी गई।
इसके साथ ही किसान नेता ने अपने आंदोलन की आगे की योजनाओं के बारे में भी बताया और खुलासा किया कि आने वाले दिनों में आंदोलन किस तरह आगे बढ़ने वाला है। टिकैत ने हर गांव के पंद्रह किसानों को एक ट्रैक्टर से दस दिन के लिए आंदोलन स्थल पर पहुंचने का आह्वान किया है।
उन्होंने मंच से संबोधन में आंदोलन को इस फार्मूले की तर्ज पर आगे बढ़ाने का एलान किया। वहीं, भाकियू के मीडिया प्रभारी ने कहा कि सरकार इन कानूनों के जरिए ब्रिटिश सरकार के एक सौ बाइस साल के इतिहास को दोहरा रही है।
किसान आंदोलन में बृहस्पतिवार को यूपी गेट पर पंजाब, हरियाणा, कर्नाटक, मथुरा और अलीगढ़ से कई किसानों के साथ समर्थक भी पहुंचे। यहां सभी ने किसानों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर मांगे पूरी न होने तक साथ खड़े होने की बात कही। दोपहर बाद राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने किसानों को मंच पर पहुंचकर संबोधित किया।