10 करोड़ की ठगी करने वाले चंद दिनों में ही पैरोल पर छूटे
इंदिरापुरम। इंश्योरेंस पॉलिसी और लोन दिलाने के नाम पर 550 से ज्यादा लोगों से 10 करोड़ से अधिक की ठगी करने वाले अदनान समेत गिरोह के तीन सदस्यों को साइबर सेल व इंदिरापुरम पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह गिरोह वसुंधरा सेक्टर-11 में कॉल सेंटर की आड़ में ठगी कर रहा था। तीनों ठग अलग-अलग नाम से कंपनियां चलाते थे। गिरोह फर्जी आईडी पर सिम लेकर खाता खुलवाकर उसमें लोगों से पैसे डलवाते थे।
साइबर सेल के नोडल अधिकारी और सीओ इंदिरापुरम अभय मिश्रा का कहना है कि आरडीसी में 8 सितंबर को पुलिस ने इंश्योरेंस पॉलिसी व लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले जीजा-साले को गिरफ्तार किया था। उस गिरोह में से अदनान अख्तर निवासी राजीव कॉलोनी दिल्ली फरार हो गया था तभी से उसकी पुलिस तलाश कर रही थी। सूचना पर साइबर सेल और इंदिरापुरम पुलिस ने वसुंधरा सेक्टर-11 में एक कॉल सेंटर पर छापा मारा। जहां अदनान के साथ संजय सिंह गंगवार निवासी पदपुरी थाना खजूरिया रामपुर व नवल किशोर निवासी बेहटा हाजीपुर खुशी वाटिका लोनी बॉर्डर को गिरफ्तार कर लिया। तीनों लोग अलग-अलग नाम से कंपनियां चलाते थे। संजय ने बताया कि वह बिजली के खंभे लगाने की कंपनी चलाता है। जबकि नवल किशोर फर्जी बैंक खातों के एटीएम, नेट बैकिंग का लॉगइन अपने पास रखकर पैसे निकालकर व पैसे ट्रांसफर करने का काम करता था। मुख्य आरोपी अदनान अख्तर बिहार के लोगों की आईडी पर सिम खरीदकर लाता था और अपने पते बदल-बदलकर बैंक खाते खुलवाता था। पूछताछ में सामने आया कि ठगी के तीनों आरोपी पिछले पांच साल से परिचित हैं और वसुंधरा में पांच सालों से लोगों को 10 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दे चुके हैं। तीनों ठग लोगों को नामी कंपनी और इंश्योरेंस पॉलिसी के लिए खुद को अधिकारी व कर्मचारी बताते थे। इनके पास से पुलिस ने 9 मोबाइल, 2 मुहर, 6 डाटा पेपर शीट, 2 एटीएम कार्ड, छह चेकबुक, 2 आधार कार्ड, 2 वोटर कार्ड, 2 पेन कार्ड व एक प्रेस कार्ड बरामद किया है।
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार का कहना है कि आरोपी संजय सिंह के खाते में 90 लाख से अधिक का लेन-देन मिला है। नवल किशोर और अदनान के खातों की भी जांच की जा रही है। इनके पास से प्रेस कार्ड भी बरामद हुआ है। पांच साल में कितने लोगों को ठगी का शिकार बनाया जा चुका है। उसका पता लगाया जा रहा है। बरामद छह चेकबुक के आधार पर बैंक खातों की जांच में दस करोड़ से अधिक की ठगी सामने आएगी।