कांग्रेस के पूर्व एमएलसी नसीब पठान का कोरोना से निधन
साहिबाबाद। कोरोना से संक्रमित कांग्रेस के पूर्व एमएलसी नसीब पठान का रविवार सुबह गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। इस सूचना से पार्टी में शोक की लहर छा गई। बुखार होने के बाद नसीब पठान को 30 सितंबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। निधन की खबर से पत्नी, बेटी और अन्य परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। परिजन और रिश्तेदार शाम में शव लेकर पैतृक गांव के लिए बिजनौर रवाना हो गए। एंबुलेंस से शव को ले जाने के दौरान राजनगर एक्सटेंशन तिराहे पर कांग्रेसियों ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
बिजनौर के मूल निवासी कांग्रेस के पूर्व एमएलसी नसीब पठान इंदिरापुरम की विधायक कॉलोनी में बीते चार साल से पत्नी सुल्ताना पठान और बेटी रुहिल व दामाद अशरफ के साथ रह रहे थे। 2005 से लगातार दो बार के विधान परिषद सदस्य रहे नसीब पठान ने कई मुद्दों को विधानमंडल के पटल पर उठाकर समाधान कराया था। पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के कार्यकाल में वह गाजियाबाद-नोएडा विकास समिति के चेयरमैन भी रहे। नसीब पठान के भतीजे हुमायूं ने बताया कि पिछले कई दिनों से पूर्व एमएलसी को दो बार बुखार हुआ था। इसके बाद उनकी तबीयत खराब चल रही थी। 30 सितंबर को उन्होंने और जीजा अशरफ ने मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया। वहां कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। इसके बाद से लगातार डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। रविवार को तबीयत ज्यादा खराब होने के बाद निधन हो गया। एंबुलेंस से पार्थिव शरीर को बिजनौर ले जाने के दौरान राजनगर एक्सटेंशन तिराहे पर जिलाध्यक्ष बिजेंद्र यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष हरेंद्र अग्रवाल, पूर्व मंत्री सतीश शर्मा, त्रिलोक सिंह, अमोल वशिष्ठ, सलीम सैफी लालमन समेत अन्य कांग्रेसियों ने पुष्प अर्पित कर व पार्टी का झंडा ओढ़ाकर श्रद्धांजलि दी।
एक दिन पहले कहा था-जल्द ही ठीक होकर आऊंगा
कांग्रेस के अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के पूर्व जिलाध्यक्ष नसीम खान ने बताया कि एक दिन पहले शनिवार शाम उनकी पूर्व एमएलसी नसीब पठान से फोन पर बात हुई थी। उन्होंने सांस लेने में थोड़ी तकलीफ बताई थी। जल्द ही ठीक होकर आने की बात कही थी लेकिन एक दिन बाद ऐसी खबर आ गई।
अस्पताल से ही प्रियंका गांधी का वीडियो और गाना किया था शेयर
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व राज्यमंत्री सतीश शर्मा ने बताया कि एक दिन पहले उन्होंने प्रियंका गांधी का हाथरस जाते हुए वीडियो उन्हें भेजा था। इसके साथ ही एक पुराने गीत ‘तुम मुझे यूं भुला ना पाओगे’ का वीडियो भी शेयर किया था। उनका कहना है कि नसीब पठान न सिर्फ जिंदा दिल इंसान थे, बल्कि भावुक भी थे। वह हर कार्यकर्ता के सुख और दुख शरीक होते थे।