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इस बार 6000 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण

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इस बार 6000 अंकों का होगा स्वच्छता सर्वेक्षण
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साहिबाबाद। स्वच्छ भारत मिशन के अतर्गत होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण-2020 पिछले वर्ष के मुकाबले काफी चुनौतीपूर्ण होगा। इस बार जनवरी 2020 में होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण को तीन भागों में बांटा गया है। इसमें हर तिमाही में होने वाली स्वच्छ सर्वेक्षण (एसएस) लीग के भी अंक जोड़े जाएंगे। जो कि सर्वेक्षण अभियान का चौथा हिस्सा होगा। यह जानकारी लिंक रोड स्थित एक होटल में आयोजित कार्यशाला में छह मंडलों के अधिकारियों को दी गई।
कार्यशाला में अलीगढ़, मेरठ, आगरा, सहारनपुर, मुरादाबाद एवं बरेली के अधिकारियों ने हिस्सा लिया है। कार्यक्रम का शुभारंभ सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री वीके सिंह ने दीप जलाकर किया। कार्यशाला में स्वच्छ भारत मिशन (एसबीएम) से जुड़े विशेषज्ञों ने निकाय अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छता सर्वेक्षण को और अधिक प्रभावी तरीके से लागू करने के बारे में बताया। केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की ओर से आए हुए मुख्य वक्ताओं अंकित जैन एवं अनिल प्रकाश ने बताया कि इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण 6000 अंक का होगा। इसमें हर तिमाही अप्रैल-जून 2019, जुलाई-सितंबर 2019, अक्तूबर-दिसंबर 2019 में हुई एसएस लीग-2020 को भी जोड़ा जाएगा। इन तीनों लीग के 1500 अंक हैं, जबकि जनवरी में होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण के 4500 अंक हैं। इनमें सबसे ज्यादा अंक हासिल करने वाले शहरों को ही जगह मिलेगी। सर्विस लेवल प्रोग्रेस को इस बार अलग किया गया है। इसके अलग से 2000 नंबर हैं। केंद्रीय राज्यमंत्री वीके सिंह ने कहा कि गाजियाबाद प्रदेश का प्रवेश द्वार है। इसकी छवि सबसे अच्छी होनी चाहिए। इस बार हमें संकल्प लेना चाहिए कि इस स्वच्छ सर्वेक्षण में हम देश में नंबर एक स्थान हासिल करें। इसमें अधिकारियों के साथ सभी नागरिकों की भागीदारी आवश्यक है।
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उठाए कदमों की नगर आयुक्त और मेयर ने दी जानकारी
शहर को स्वच्छ बनाने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी मेयर और नगर आयुक्त ने दी। महापौर आशा शर्मा ने कहा निगम की तरफ से बर्तन बैंक बनाने की दिशा में काफी प्रयास किया जा रहा है। साथ ही सफाई को लेकर कई कदम शहर में उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शहर को स्वच्छ बनाने के लिए जनभागीदारी भी उतनी ही जरूरी है, जितना कि निगम के कर्मचारी और अधिकारी कर रहे हैं। कार्यक्रम का संचालन कर रहे नगर आयुक्त दिनेश चंद्र ने कहा कि स्वच्छता से शहर की छवि ही नहीं बनती, बल्कि तमाम प्रकार की बीमारियां भी दूर होती हैं। वॉर्ड स्तर पर मजबूती के साथ काम करने की जरूरत है।
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