घर के बाहर सो रहे युवक को उठा ले गए, ईंटों से पीटकर मार डाला
लोनी। ट्रॉनिका सिटी थाना क्षेत्र के रामपार्क कॉलोनी में किराएदार से मारपीट और झगड़ा कर रहे चार युवकों को डांटना मकान मालिक को भारी पड़ गया। डांट से अपमानित होने का बदला लेने के लिए रात में सो रहे मकान मालिक को तीन युवक उठा ले गए और खाली प्लॉट में ईंट से पीट-पीटकर हत्या कर दी। सुबह एक युवक ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
दिल्ली के नजफगढ़ निवासी अरुण त्यागी (38) पिछले 12 साल से लोनी की रामपार्क विस्तार कालोनी में रह रहे थे। उनके घर में ही इलेक्ट्रिक की दुकान है। मकान में कुलदीप किराए पर रहता है। एसपी देहात नीरज जादौन ने बताया कि कुलदीप का पास में रहने वाले युवक ज्ञानी से झगड़ा हो गया। ज्ञानी के गांव के गौरव, अंकित और पीयूष कुलदीप से मारपीट कर रहे थे। यह देखकर अरुण ने दोनों पक्षों को डांटकर भगा दिया था। इस दौरान गौरव व अंकित की अरुण से कहासुनी हो गई थी। कहासुनी के बाद गौरव और अंकित घर से बाहर चले गए। गौरव और अंकित ने खुद को अपमानित महसूस किया और बदला लेने की ठान ली। रात में अरुण घर के बाहर चारपाई पर सो रहा था। करीब दो बजे अंकित, गौरव खारी निवासी खानपुर जप्ती और पीयूष निवासी रामपार्क कालोनी शराब के नशे में घर पहुंचे। तीनों अरुण को उठाकर ले जाने लगे। अरुण की नींद खुल गई, उसने विरोध किया तो मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद घर के पास ही खाली पड़े प्लॉट में ले जाकर सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में ईंट से वारकर अरुण की हत्या कर दी। वारदात कर तीनों भाग गए। सुबह वहां से गुजर रहे एक युवक ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर परिजनों को जानकारी दी। परिजनों ने शक के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने सख्ती से पूछताछ की तो उन्होंने हत्या करना कबूल कर लिया। पुलिस ने तीनों को खजूरी पुश्ता रोड के पास से गिरफ्तार किया था।
रात में किसी से हुआ था झगड़ा, अंकित ने उठाया फायदा
एसएचओ ने बताया कि रात में अंकित को डांटने के बाद भी अरुण का किसी से विवाद हुआ था। इसकी जानकारी अंकित को हो गई थी। अंकित ने इसका फायदा उठाने की सोची। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड में तीनों के दोस्त ज्ञानी की भूमिका नहीं मिली है।
परिवार का इकलौता बेटा था अरुण
लोगों के मुताबिक, अरुण त्यागी माता-पिता के इकलौते बेटे थे और उनकी दो बहनें हैं। अरुण की पांच साल पूर्व शादी हुई थी। उनकी पत्नी तीन साल पूर्व चली गई थीं। जबकि उनके पिता फौज से रिटायर्ड है और वह नजफगढ़ में ही रहते हैं। इकलौते बेटे की मौत के बाद से परिवार में कोहराम मच गया है। शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया है।