शहर में एक दिन घूमकर खड़ी हो गईं इलेक्ट्रिक बसें, यात्री नहीं कर पाए सफर
गाजियाबाद। लंबी प्रतीक्षा के बाद मंगलवार को सड़कों पर उतारी गईं पांच इलेक्ट्रिक बसें दो घंटे शहर की सड़कों पर घूमकर डिपो में खड़ी हो गईं। बुधवार से इनमें यात्रा की उम्मीद कर रहे लोगों को इन बसों में बैठने का मौका नहीं मिला। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल चार्जिंग प्वाइंट बनकर तैयार नहीं हुए हैं। 15 जनवरी से यह बसें यात्रियों के लिए सड़कों पर उतरेंगी।
मंगलवार को नेहरू नगर सेकेंड स्थित नगर निगम के ऑडिटोरियम परिसर से हरी झंडी दिखाकर केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने इन बसों को रवाना किया था। पहले चरण में पांच बसों का संचालन शुरू करने का दावा किया गया था। बुधवार को लोग इन बसों को तलाशते रहे, लेकिन वह नहीं मिलीं। इन बसों का संचालन करने वाले परिवहन विभाग के एआरएम एनके वर्मा का कहना है कि बसों को चार्ज करने के लिए अभी चार्जिंग प्वाइंट बनकर तैयार नहीं हो सके हैं। 15 जनवरी से यह बसें दौड़ने लगेंगी। जल्द ही और इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी। पहले चरण में चार रूटों पर बसें चलाईं जाएंगी।
गाजियाबाद को मिलीं आधुनिक ई-बसों में दिव्यांग यात्रियों के सफर के लिए भी ख्याल रखा गया है। उनके बसों में चढ़ने-उतरने के लिए रैंप बनाया गया है। इस रैंप के जरिये वह व्हील चेयर बस के अंदर पहुंच सकेगी। बस के दरवाजे के पास ही दिव्यांग यात्रियों के लिए दो सीटें आरक्षित की गई हैं। प्रत्येक इलेक्ट्रिक बस में खासतौर से महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए पांच सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इन कैमरों की मॉनीटरिंग रोडवेज के अधिकारी कर सकेंगे। बस में ही इनकी रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रहेगी।