नगर निगम बढ़ाएगा 1702 दुकानों का किराया
गाजियाबाद। नगर निगम अपनी 1702 दुकानों का किराया बढ़ाएगा। सिकमी किराएदार (मूल आवंटियों से अलग काबिज लोग) दुकान पर काबिज मिले तो उनसे प्रीमियम लेकर आवंटियों के रिकॉर्ड में नाम परिवर्तन भी किए जाएंगे। निगम के टैक्स विभाग ने सर्किल रेट के आधार पर किराया बढ़ाने का प्रस्ताव का खाका तैयार कर लिया है। शनिवार को होने वाली नगर निगम की बोर्ड बैठक में इसे पेश किया जाएगा। सदन की सहमति मिली तो इसे लागू कर दिया जाएगा।
नगर निगम ने नेहरू नगर, पुरानी मुंसिफी, पुरानी सब्जी मार्केट, सुभाष मार्केट, नेहरू नगर, पटेल मार्ग, सिहानी गेट बाजार, नवयुग मार्केट, अर्थला, मोहननगर, कविनगर सी-ब्लॉक समेत कई अन्य स्थानों पर दुकानें आवंटित की हुई हैं। करीब दो दशक से अधिकांश दुकानों का किराया नहीं बढ़ाया गया है। अधिकांश दुकानों का किराया 150 रुपये से 3 हजार रुपये प्रति माह लिया जा रहा है। जबकि बाजार दरें 10 हजार रुपये महीना तक की है। नगर निगम अब अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए इन दुकानों का किराया बढ़ाने की तैयारी कर रहा है। नगर निगम अधिकारियों ने इस प्रस्ताव को इससे पूर्व हुई बोर्ड बैठक में भी रखा था, लेकिन प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो पाई थी। अब प्रस्ताव को दोबारा बोर्ड बैठक के एजेंडे में शामिल किया है। नगर निगम को इस परिवर्तन से करीब 120 करोड़ रुपये प्रीमियम के तौर पर एकमुश्त मिलने की उम्मीद है।
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जोनवार दुकानों की संख्या
जोन दुकानों की संख्या
सिटी जोन 1474
मोहननगर जोन 95
कविनगर जोन 105
विजयनगर जोन 28
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कुल दुकानें 1702
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आंकड़ों में दुकानों का किराया
दुकान का मौजूदा न्यूनतम किराया 150 रुपये प्रतिमाह
मौजूदा अधिकतम किराया 3 हजार रुपये प्रतिमाह
प्रस्तावित न्यूनतम किराया 1735 रुपये प्रतिमाह
प्रस्तावित अधिकतम किराया 8303 रुपये प्रतिमाह
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सिकमी दुकानदारों से लिया जाने वाला प्रीमियम
प्रस्तावित न्यूनतम प्रीमियम 60700 रुपये प्रति वर्गमीटर
अधिकतम प्रीमियम 100723 रुपये प्रति वर्गमीटर
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किराए से सालाना आमदनी 76 लाख रुपये प्रतिवर्ष
प्रस्तावित आमदनी 9.80 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष