अवैध निर्माण कराने के लिए मांगी रिश्वत, जीडीए के दो कर्मचारी निलंबित
गाजियाबाद। गोविंदपुरम में अवैध कॉलोनी में 100 वर्ग गज के भूखंड पर बनाई जा रही इमारत की सील लगाने के बाद निर्माण कराने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप में जीडीए के सुपरवाइजर छोटे सिंह और वर्कमेट नरेंद्र सिंह को निलंबित कर दिया गया। रिश्वत मांगे जाने का वीडियो वायरल हो जाने के बाद जीडीए सचिव ब्रजेश कुमार ने यह कार्रवाई की। वीडियो में अवर अभियंता रामेश्वर भी नजर आ रहा है। उसके निलंबन की संस्तुति कर शासन को फाइल भेजी गई है। उसे प्रवर्तन से हटाकर मुख्य अभियंता कार्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
मामला जीडीए के प्रवर्तन जोन-तीन में गोविंदपुरम से सटी रतन एंक्लेव अवैध कॉलोनी का है। यहां एक युवक 100 वर्ग गज भूखंड पर भवन निर्माण करा रहा था। सितंबर में मकान की नींव खोदाई शुरू होते ही सुपरवाइजर छोटे सिंह और कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने काम रुकवा दिया था। इसके बाद जीडीए कर्मियों ने अवैध कॉलोनी में मकान के निर्माण के लिए सीधे रिश्वत मांगी। वहीं, रिश्वत नहीं देने पर सीलिंग और ध्वस्तीकरण की धमकी भी दी। वायरल वीडियो में शिकायतकर्ता अवर अभियंता रामेश्वर कुमार को एडवांस के रूप में पांच हजार की रिश्वत देने का दावा कर रहा है। आरोपी पैसे लेते नजर आ रहे हैं। रिश्वत की बाकी रकम न देने पर रिश्वतखोर अभियंता और कर्मचारियों ने निर्माणाधीन अवैध निर्माण को सील कर दिया। इसके बाद भी सील खोलने और निर्माण के नाम पर फिर से रिश्वत लेने का आरोप है
तीनों पर दर्ज होगी एफआईआर
रिश्वत लेने के वायरल हुए वीडियो के मामले को गंभीरता से लिया गया है। मामले में विभागीय कार्रवाई के अलावा तीनों आरोपी अधिकारी और कर्मचारियों पर मुकदमा भी दर्ज कराया जाएगा।
- सीपी त्रिपाठी, अपर सचिव, जीडीए
भ्रष्टाचार के और भी हैं मामले
एक यूनिट पर बने 28 फ्लैट, पांच जेई के खिलाफ संस्तुति, कार्रवाई एक पर भी नहीं
नक्शे के विपरीत निर्माण के मामले में जीडीए का इंदिरापुरम क्षेत्र सुर्खियों में रहा है। 2019 में इंदिरापुरम में नक्शे के विपरीत 15 से 28 यूनिटों के निर्माण के मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष ने पांच अवर अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की शासन को संस्तुति की थी। मामले को दो साल से अधिक बीतने के बावजूद अब तक किसी पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पूर्व में जीडीए की हुई जांच में2012 से 2016 के बीच जोन-छह में करीब 1200 से अधिक एकल यूनिटों पर नक्शे पास हुए। इन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत और तय क्षमता से अधिक फ्लैटों का निर्माण किया गया। नियम विरुद्ध बने इन भवनों की न तो कोई जांच हुई, और न कोई कार्रवाई।
2019 में तीन सुपरवाइजर हुए थे निलंबित, पांच जेई के खिलाफ हुई संस्तुति
नक्शे के विपरीत अवैध निर्माण के सबसे ज्यादा मामले जोन-सात में राजेंद्रनगर में सामने आए थे। 2019 में जीडीए की गोपनीय समिति ने 10 निर्माणाधीन एकल यूनिटों पर नक्शों के विपरीत निर्माण का मामला पकड़ा। जांच में एक एकल यूनिट पर 15 से 20 फ्लैटों का निर्माण होता हुआ पाया गया। मामले में तत्कालीन जीडीए उपाध्यक्ष कंचन वर्मा ने तत्काल प्रभाव से तीन सुपरवाइजरों को निलंबित करने व पांचजेई के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई। लेकिन अब तक किसी पर कोई गाज नहीं गिरी है।
जीडीए वीसी ने शिकायत को जारी किया था टोल फ्री नंबरऱ्
जीडीए उपाध्यक्ष ने अवैध निर्माण और नक्शे के विपरीत चल रहे निर्माण कार्यों की शिकायत के लिए एक टोल फ्री नंबर 18001801117 जारी किया था। टोल फ्री नंबर पर किसी भी क्षेत्र में चल रहे अवैध निर्माण की शिकायत करने की सुविधा प्रदान की गई। टोल फ्री नंबर का भी असर देखने को मिला है।