ट्रेजरी ऑफिसर बनकर रिटायर्ड कर्मचारियों को ठगता था झारखंड का गैंग
गाजियाबाद। झारखंड की राजमहल की पहाड़ियों से गिरोह के सदस्य ट्रेजरी अधिकारी बनकर रिटायर्ड कर्मचारियों से ठगी कर रहे थे। पुलिस ने सोमवार को दो शातिरों को गिरफ्तार किया है। गैंग का सरगना आठवीं पास है। वह नोएडा में नौकरी करते हुए झारखंड में बैठे बाकी सदस्यों को यहीं से ऑपरेट करता था। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अबतक लगभग दो करोड़ की ठगी की है। नंदग्राम निवासी सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से 17 लाख रुपये निकलने के मामले की जांच के दौरान पुलिस गिरोह तक पहुंची। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से कार बरामद हुई है, जो सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से निकाली गई रकम से खरीदी गई थी।
नंदग्राम निवासी देवेंद्र सिंह बालियान पुलिस विभाग में उप निरीक्षक थे, जो 28 फरवरी को सेवानिवृत्त हुए थे। उनके खाते से साइबर जालसाजों ने 17 लाख रुपये निकाल लिए थे। इस संबंध में उन्होंने नंदग्राम थाने में केस दर्ज कराया था। मामले की जांच साइबर सेल को सौंपी गई थी। साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि सेवानिवृत्त दरोगा देवेंद्र सिंह बालियान के पास अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को ट्रेजरी ऑफिसर बताते हुए जल्द बकाया भुगतान कराने तथा अन्य सहूलियत दिलाने का झांसा देकर खाते की जानकारी ले ली थी। करीब चार दिनों तक ठग उनसे ओटीपी मांगते रहे और खाते से 17 लाख रुपये निकाल लिए।
झारखंड के बैंक खाते से मिला सुराग
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि सेवानिवृत्त दरोगा के खाते से रकम कई खातों में ट्रांसफर की गई थी। उनमें से एक खाता झारखंड के साहिबगंज का था। टीम ने झारखंड जाकर खोजबीन की और खाता धारक को ट्रेस कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि साहिबगंज में ही रहने वाला अरविंद कुमार महतो उसके खाते को संचालित करता है। इसके बदले में वह उसे 10 हजार रुपये महीना देता है। इसके बाद पुलिस ने अरविंद को हिरासत में लिया तो पता चला कि साहिबगंज का ही गुलटूस कुमार उर्फ गौतम गैंग चला रहा है। यह गैंग राजमहल की पहाड़ियों से संचालित हो रहा था। इसके बाद झारखंड से अरविंद महतो तथा नोएडा से सरगना गुलटूस को गिरफ्तार कर लिया गया।
नोएडा में नौकरी कर रहा था सरगना
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि गुलटूस और अरविंद दोनों 8वीं पास हैं। गुलटूस पुलिस को गुमराह करने के लिए नोएडा में पॉलिथिन बनाने वाली एक फैक्टरी में 10 हजार रुपये महीने की नौकरी कर रहा था। यहीं से वह गैंग को ऑपरेट कर रहा था। अरविंद उसे स्थानीय लोगों व फर्जी पतों पर खुले खाते मुहैया कराता था। गुलटूस का साला भी ठग गैंग में शामिल है, जिसकी तलाश अभी जारी है।
अब तक जिले के सेवानिवृत्त कर्मचारियों से ठगी आई सामने
साइबर सेल प्रभारी सुमित कुमार ने बताया कि साइबर सेल के पास दस सेवानिवृत्त कर्मचारियों से ठगी की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें किसी के खाते से 10 तो किसी के खाते से 15 लाख रुपये निकाले गए हैं। कुछ पीड़ितों की रकम उन खाते में ट्रांसफर की गई है, जो गुलटूस का गैंग चला रहा था। अभी तक गैंग के 8 बैंक खाते ट्रेस हुए हैं। एक खाते की स्टेटमेंट मिल गई है, जिसमें 18 लाख की ट्रांजेक्शन हुई है। सभी खातों में दो करोड़ से अधिक की ट्रांजेक्शन का अंदेशा है।
ट्रेजरी विभाग के कर्मचारी की मिलीभगत का अंदेशा
साइबर सेल प्रभारी ने बताया कि गुलटूस करीब दो वर्षों से गैंग संचालित कर रहा है। गैंग के पास सेवानिवृत्त कर्मचारियों का डाटा कहां से आता था, इसकी पड़ताल की जा रही है। ट्रेजरी विभाग के कर्मचारियों की मिलीभगत भी हो सकती है। इसके लिए आरोपियों केमोबाइल नंबरों की सीडीआर खंगाली जा रही है।