बिजली के खंभों पर लगेंगे क्यूआर कोड, तुरंत पता चल जाएगा बिजली फॉल्ट
गाजियाबाद। जिले के करीब तीन लाख बिजली के खंभों की ऑनलाइन मैपिंग की जाएगी। जीपीएस की मदद से खंभों के स्थानों को ऑनलाइन किया जाएगा। विद्युत निगम बिजली के खंभों और ट्रांसफार्मर पर यूनिक क्यूआर कोड भी लगाएगा, जिससे बिजली खपत की सटीक जानकारी विभाग के पास होगी। अधिकारियों का कहना है कि पहले चरण में ट्रांसफार्मर पर क्यूआर कोड लगाने का कार्य किया जा रहा है।
फॉल्ट होने पर कई बार विद्युत निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों को फॉल्ट वाली जगह को तलाशना पड़ता है। इसमें काफी समय लग जाता है और उपभोक्ताओं को भी आपूर्ति सुचारु होने के लिए इंतजार करना पड़ता है। ऑनलाइन मैपिंग और क्यूआर कोड लगने के बाद अधिकारियों को सीधे मोबाइल पर ही फॉल्ट वाली जगह की जानकारी मिल सकेगी। पहले चरण में 28000 ट्रांसफार्मर पर क्यूआर कोड लगाए जा रहे हैं। इसके बाद अगले महीने से बिजली के खंभों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा।
ऑनलाइन मैपिंग होने के बाद ट्रांसफार्मर और बिजली के खंभों का डाटा ऑनलाइन होगा। ट्रांसफार्मर से होने वाली आपूर्ति की सटीक जानकारी विभाग के पास होगी। किसी भी खंभे पर या उससे जा रही लाइन में फॉल्ट होने पर ऑनलाइन मैपिंग में लाल लाइट से अधिकारियों को मौके की जानकारी मिल सकेगी। क्यूआर कोड से प्रभावित उपभोक्ताओं की संख्या भी विभाग को पता लग सकेगी।
पंकज, मुख्य अभियंता : विद्युत आपूर्ति बाधित होने में सबसे अधिक शिकायतें फॉल्ट की रहती हैं। बिजली के खंभों की जीपीएस से ऑनलाइन मैपिंग होगी और क्यूआर कोड भी ट्रांसफार्मर और खंभों पर लगेगा। ऑनलाइन होने से फॉल्ट की सही जानकारी मिल सकेगी जबकि क्यूआर कोड से इससे जुड़े उपभोक्ताओं की जानकारी पता चल सकेगी।