1.62 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च कर 9 ट्यूबवेल लगवाएगा निगम
गाजियाबाद। शहर में 9 ट्यूबवेलों को लगाने पर नगर निगम तय रकम से 1.62 करोड़ रुपये ज्यादा खर्च करेगा। इसका ठेका नगर निगम का जलकल विभाग जारी कर चुका था और निगम ठेकेदार प्रत्येक नलकूप को 31 लाख रुपये में लगाने के लिए तैयार था। मगर मेयर की अध्यक्षता वाली अवस्थापना निधि की कमेटी ने ठेका निरस्त कर दिया। अब यही नलकूप जल निगम से 49 लाख रुपये में लगवाया जाएगा। इसके विरोध में भाजपा पार्षद कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
नगर निगम ने दिसंबर 2020 में 30 एचपी क्षमता के 9 नलकूप लगाने का प्रस्ताव 15वें वित्त आयोग की बैठक में पास किया था। मार्च 2021 में नगर निगम के जलकल विभाग ने ई-टेंडर कॉल किए। एसकेवी नाम की फर्म ने 29.75 फीसदी कम दरों पर टेंडर डाला और क्वालिफाई कर लिया। इसके बाद नगर निगम ने इन नलकूपों को लगाने का काम जल निगम की मेरठ इकाई को गुपचुप दे दिया। जल निगम को पूरी रकम का एडवांस भुगतान भी कर दिया गया। भाजपा पार्षद राजेंद्र त्यागी ने मामला उठाया तो नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर ने जल निगम को पत्र भेजकर काम रुकवा दिया। बीते दिनों यह मामला अवस्थापना निधि और 15वें वित्त आयोग की बैठक में फिर पहुंचा। मेयर आशा शर्मा की अध्यक्षता वाली इस कमेटी ने नगर निगम के टेंडर को निरस्त करने का फैसला सुना दिया। अब यह 9 नलकूप जल निगम से ही लगवाने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए नगर निगम 1.62 करोड़ रुपये ज्यादा चुकाएगा। भाजपा पार्षदों ने नगर निगम के अधिकारियों पर इस रकम की बंदरबांट करने का आरोप लगाया है।