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राजनगर एक्सटेंशन के २४ हजार भवनों पर लगा हाउस टैक्स

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निगम ने राजनगर एक्सटेंशन के 24 हजार फ्लैट पर लगाया हाउस टैक्स
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गाजियाबाद। नगर निगम ने राजनगर एक्सटेंशन के 24 हजार से अधिक फ्लैट पर हाउस टैक्स लगा दिया है। निगम ने भवन मालिकों का टैक्स ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। जानकारी में अगर कोई संशोधन है तो उसके लिए मौका दिया जाएगा। एओए संगठनों के विरोध के बीच निगम ने बिल्डरों से डाटा लेकर हाउस टैक्स तय किया है। पिछले साल के मुकाबले करीब पांच अधिक फ्लैट से हाउस टैक्स लिया जाएगा।
राजनगर एक्सटेंशन में बीते साल महज 5 से 6 हजार फ्लैटों को नगर निगम हाउस टैक्स के दायरे में ला पाया था। कई सोसायटियों की एओए और फेडरेशन पदाधिकारियों ने बिना सुविधाएं दिए नगर निगम को हाउस टैक्स देने से इनकार कर दिया था। इसके बाद भी नगर निगम ने भवनों को टैक्स के दायरे में लाने का अभियान जारी रखा। नगर निगम के अधिकारियों ने अब बिल्डरों से जानकारी लेकर राजनगर एक्सटेंशन के 24375 भवनों पर टैक्स का निर्धारण कर दिया है। उन्होंने 15 फीसदी की टैक्स बढ़ोतरी के साथ इन फ्लैटों पर टैक्स निर्धारण कर उनका डाटा नगर निगम के पोर्टल पर अपलोड कर दिया है।
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टैक्स के ब्योरे में गड़बड़ी मिले तो ऐसे करा सकेंगे संशोधन
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक बिल्डरों से जो जानकारी मिली हैं उनमें कई फ्लैटों के मालिकों के सही नाम नहीं मिल पाए हैं। ऐसे में फ्लैटों में रह रहे लोगों को अध्यासी (काबिज) दिखाकर उनके नाम से टैक्स निर्धारण कर दिया गया है। निगम अधिकारियों का कहना है कि संभव है कि कुछ भवनों में किराएदार रह रहे हों और मकान मालिक की बजाय उनके नाम से टैक्स बिल जनरेट हो गए हो, ऐसे लोग नगर निगम के पोर्टल पर अपने भवनों का ब्यौरा देख सकते हैं। नाम में संशोधन के साथ-साथ टैक्स ज्यादा निर्धारित हो जाने की शिकायत का भी निस्तारण कराया जाएगा। ऐसे लोग फ्लैट की रजिस्ट्री की फोटो कॉपी नगर निगम में जमा कराएंगे तो नाम संशोधित करा दिया जाएगा।
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कोट
नगर निगम ने राजनगर एक्सटेंशन में 24375 भवनों पर टैक्स लगाकर ऑनलाइन कर दिया है। इस क्षेत्र के भवनों पर सीवर और वाटर टैक्स नहीं लगाया गया है। बड़ी संख्या में लोगों ने टैक्स जमा करा दिया है। बीते वित्तीय वर्ष में भी करीब दो करोड़ से ज्यादा राजस्व मिला था। कर निर्धारण में अगर भवन मालिकों के ब्योरे में कोई गड़बड़ी होगी तो उसे संशोधित कराया जाएगा। लोगों से अपील है कि वह नगर निगम पोर्टल से अपने भवन के ब्योरे की जानकारी कर लें। - सुधीर शर्मा, सिटी जोन अधिकारी
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