सामान्य है आपका बीपी... अब चलिए जेल
गाजियाबाद। फर्जी तरीके से फर्म बनाने और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) में हेराफेरी कर 20 करोड़ की टैक्स चोरी के मामले में केंद्रीय जीएसटी विभाग की टीम ने सोमवार को नेहरू नगर से अरुण कुमार सोम और हिरदेश राघव को गिरफ्तार किया। अरुण सोम 14 करोड़ की टैक्स चोरी में फरार था। हिरदेश ने पांच करोड़ की टैक्स चोरी की। गिरफ्तारी से बचने के लिए हिरदेश खुद की तबीयत खराब बताकर वह अस्पताल में भर्ती हो गया। ब्लड प्रेशर सामान्य होते ही शाम को जीएसटी की टीम ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को मेरठ ले जाया गया। मंगलवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
हिरदेश पर अरुण सोम के साथ मिलकर टैक्स चोरी करने का भी आरोप है। वह अरुण की बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया स्थित मैसर्स एकेएम इलेक्ट्रिकल्स एंड इलेक्ट्रॉनिक प्राइवेट लिमिटेड में सीईओ के पद पर कार्यरत था। उसने अपनी भी मैसर्स एवीआई इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म बनाई थी, जिसके नाम पर फर्जी तरीके से सामान की खरीद बिक्री दिखाकर करीब पांच करोड़ से ऊपर का आईटीसी क्लेस हासिल किया। रविवार रात को जीएसटी विभाग को जानकारी मिली कि दोनों लोग घर पर ही हैं। विभाग की दो टीमें सुबह नेहरू नगर थर्ड में दोनों के आवास पर पहुंची। उस वक्त तक परिवार के लोग सोकर भी नहीं उठे थे। अधिकारियों ने परिचय दिया और सीधे घर के अंदर दस्तक दे दी। दोनों को गिरफ्तार करने के लिए करीब 12 घंटे का वक्त लग गया।
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हिरदेश ने तबीयत खराब बताकर एंबुलेंस बुलाई
नेहरू नगर थर्ड के जे-50 मकान पर जब टीम ने डेरा डाला तो उसने सबसे पहले गिरफ्तारी वारंट मांगे। टीम ने वारंट दिखाए तो उसने टैक्स चोरी के साक्ष्य प्रस्तुत करने को कहा। विभागीय अधिकारियों ने वर्ष 2017 में बनी कंपनी और मौके पर कंपनी का कोई अस्तित्व न होने का साक्ष्य भी प्रस्तुत किया। इस पूरी प्रक्रिया में करीब नौ बज चुके थे। अब टीम ने साथ चलने को कहा तो उसने स्वयं की तबीयत खराब बताई और फोन करके एंबुलेंस बुला ली। परिजनों ने भी कहा कि इन्हें हाई बीपी की दिक्कत है, अगर कुछ हो गया तो आपको हिसाब देना होगा। टीम ने भरोसा दिया कि बीपी सामान्य होने पर ही गिरफ्तार करेंगे। इसलिए एंबुलेंस के साथ जीएसटी विभाग के लोग अस्पताल पहुंचे। शाम को जांच रिपोर्ट सामान्य आने पर गिरफ्तार कर लिया।
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जनवरी में छापा के बाद रडार पर आया था हिरदेश
जीएसटी विभाग की टीम ने इसी वर्ष को 23 जनवरी बुलंदशहर रोड इंडस्ट्रियल एरिया में एस-1 व एस-15 में संचालित मैसर्स एकेएस इलेक्ट्रिकल्स पर छापा मारा था। 14.29 करोड़ की टैक्स चोरी में मौके से अकाउंट ऑफिसर अजित रोहिला को गुलधर स्थित आवास से गिरफ्तार किया था जबकि कंपनी के निदेशक अरुण कुमार सोम और पत्नी लविका सोम निवासी एच-145 नेहरू नगर थर्ड फरार थे। इसी फर्म में हिरदेश राघव सीईओ के पद पर तैनात था। अब छापे के वक्त जब्त दस्तावेज की जांच पर विभाग को पता चलता कि अरुण कुमार सोम की कंपनी का बड़ा लेनदेन मैसर्स एवीआई के साथ हुआ है। अब एवीआई के दस्तावेज खंगाले गए तो पता चला कि इस फर्म का निदेशक हिरदेश राघव है, जिसकी फर्म ने 2017 से अब तक करीब पांच करोड़ की टैक्स चोरी की है।