अजब दलील-डलावघर से लोगों
के स्वास्थ्य को नुकसान नहीं
गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन की मोती रेजिडेंसी के पास डाले जा रहे कूड़े की शिकायत के बाद निगम ने कचरा तो हटाया नहीं, बल्कि अजब दलील देकर लोगों को चौंका जरूर दिया है। नगर निगम अधिकारियों ने आईजीआरएस पोर्टल पर मिली शिकायत के जवाब में कहा है कि इस कचरे से आसपास की आबादी को कोई नुकसान नहीं है। निगम के इस जवाब पर राजनगर एक्सटेंशन के लोगों में जबरदस्त आक्रोश है। एक्सटेंशन के लोग अब इसके खिलाफ एनजीटी में याचिका दाखिल करेंगे।
डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के जरिए इकट्ठा होने वाले कचरे को नगर निगम राजनगर एक्सटेंशन क्षेत्र में खाली जमीन पर डंप करा रहा है। नगर निगम यूं तो वैज्ञानिक विधि से इस कचरे के निस्तारण का दावा कर रहा है, लेकिन राजनगर एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि यह दावा झूठा है। किसानों से खेत की जमीन किराए पर लेकर उनमें बने गड्ढों में कूड़े को डंप किया जा रहा है। एनजीटी के निर्देशों भी पालन नहीं किया जा रहा। राजनगर एक्सटेंशन के लोगों का कहना है कि एनजीटी के निर्देशों के मुताबिक आबादी के आसपास कचरे को खुले में डंप नहीं किया जाना चाहिए, लेकिन नगर निगम मनमानी कर राजनगर एक्सटेंशन को ढलाबघर में तब्दील करना चाहते हैं। इससे पहले मोरटा के पास कूड़ा डंप किया जा रहा था। अब एक्सटेंशन क्षेत्र में आबादी के पास कूड़ा डंप किया जा रहा है। इसकी शिकायत ट्विटर और आईजीआरएस पोर्टल पर की गई। नगर निगम अधिकारियों ने पोर्टल पर की गई शिकायत का गोलमोल जवाब भेजकर निस्तारण दर्शा दिया है। नगर निगम के अधिकारियों ने शिकायत के जवाब में कहा है कि राजनगर एक्सटेंशन में कूड़े का निस्तारण वैज्ञानिक विधि से किया जा रहा है। इस कूड़े के आबादी को कोई नुकसान नहीं है। निगम अधिकारियों ने हिंडन एयरबेस पास में होने की वजह से पक्षियों के विमान से टकराने की आशंका को भी खारिज कर दिया है। ऐसे में अब क्षेत्र के लोग अब एनजीटी जाने की तैयारी कर रहे हैं।
अब हम कोर्ट जांएगे
राजनगर एक्सटेंशन में आबादी के पास बना दिए गए अवैध डंपिंग ग्राउंड बना दिया गया। इसे हटवाने के लिए सभी विभागों के अधिकारियों के चक्कर लगा चुके हैं। नगर आयुक्त सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। अब कोर्ट जाएंगे। धारा-144 के हटने के बाद लोग मजबूरी में आंदोलन करेंगे।
- गजेंद्र आर्य, अध्यक्ष
सांस लेना भी दूभर
राजनगर एक्सटेंशन में न सिर्फ कूड़ा डाला जा रहा है, इसमें आग भी लगाई जा रही है। कूड़ा जलने की वजह से आसपास की करीब 20 से ज्यादा सोसायटियों में रहने वाले लोगों को सांस लेने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। नगर निगम ने जल्द ही कूड़ा डालना बंद न किया तो कोर्ट जाएंगे और अधिकारियों के खिलाफ याचिका दाखिल करेंगे।
- गिरीश सारस्वत, महासचिव, फेडरेशन ऑफ एओए राजनगर एक्सटेंशन
बीमारी फैलने का खतरा
फेडरेशन और विभिन्न एओए के पदाधिकारी कूड़े के खिलाफ पहले ही दिन से आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने कान बंद कर लिए हैं। अभी भी यहां रोजाना 100 से 150 ट्रक कूड़ा डंप किया जा रहा है। लोगों को बीमारियों से जूझने के लिए छोड़ दिया गया है। जनप्रतिनिधि भी सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
- अनुज राठी, सहसचिव, फेडरेशन ऑफ एओए राजनगर एक्सटेंशन
जबरन थोपा जा रहा
राजनगर एक्सटेंशन में विकास कार्य कराने के लिए तो जीडीए और नगर निगम इनकार कर रहे हैं। अब डंपिंग ग्राउंड जबरन थोपा जा रहा है। कूड़े का निस्तारण आबादी से बाहर होना चाहिए। बरसात के दिनों में बीमारियां फैलने का खतरा और बढ़ गया है।
- विष्णु शर्मा, मोती रेजिडेंसी