सुलह को तैयार नहीं नेता
भाजपा हाईकमान लेगा निर्णय
गाजियाबाद। भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक में पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी और जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल के बीच मारपीट मामले में अंदरखाने सुलह के प्रयास विफल हो गए हैं। शुक्रवार को हुई इस घटना के बाद लोहियानगर के गायत्री अस्पताल में भर्ती जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल डिस्चार्ज होकर रविवार को अपने आवास पहुंच गए। उन्होंने समझौते से इंकार कर दिया है। दूसरी ओर, पार्टी के दो वरिष्ठ नेताओं के बीच हुई मारपीट की घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड है। हाईकमान के मांगने पर महानगर संगठन इसे उपलब्ध कराएगा।
कार्यसमिति की बैठक में हुई मारपीट को लेकर नाराज प्रदेश नेतृत्व को घटनाक्रम की विस्तृत रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। इसके बाद कुछ स्थानीय पदाधिकारी दोनों नेताओं बीच सुलह समझौते का प्रयास कर रहे थे। जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल ने समझौते से इनकार किया है। उनका कहना है कि पार्टी हाईकमान निर्णय लेगा कि क्या होना है। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा मंजूर होगा, लेकिन अपने स्तर से समझौते की कोई गुंजाइश ही नहीं है। बता दें कि महानगर कार्यालय पर शुक्रवार को हुई प्रदेश कार्यसमिति की वर्चुअल बैठक में जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल और पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी के बीच कहासुनी से शुरू हुआ विवाद मारपीट तक पहुंच गया। मामले में चोटिल हुए भाजपा नेता पवन गोयल को गायत्री अस्पताल में भर्ती कराया गया था। कार्य समिति की बैठक में हुए घटनाक्रम के मामला जनपद से लेकर प्रदेश स्तर तक चर्चा का विषय बना। पार्टी कार्यालय पर हुई घटना के वक्त वहां पर मौजूद कुछ अन्य पदाधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है।
27 साल की सेवा, पार्टी का निर्णय स्वीकार : पवन गोयल
जीडीए बोर्ड सदस्य पवन गोयल का कहना है कि मामले में समझौता नहीं हुआ है। पार्टी के वरिष्ठ और जिम्मेदार लोगों ने अस्पताल आकर मुलाकात की थी। उन्होंने ने भी मामले में मेरे साथ गलत होने और जल्द न्याय दिलवाए जाने की बात कही थी। 27 सालों से लगातार पार्टी की सेवा कर रहा हूं। ऐसे में पार्टी सही निर्णय लेकर मुझे न्याय दिलवाएगी, इसका पूरा भरोसा है। धनबल का दम दिखाकर पार्टी में कोई किसी की आवाज दबा नहीं सकता है।
पार्टी नेतृत्व लेगा निर्णय
बीते शुक्रवार को हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में पार्टी नेतृत्व को विस्तार से अवगत कराया जा चुका है। दो वरिष्ठ साथियों के बीच विवाद मामले में पार्टी आलाकमान निर्णय लेगा। प्रदेश नेतृत्व के मांगने पर घटना का सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराया जाएगा।
- संजीव शर्मा, भाजपा महानगर अध्यक्ष
विवादों से पुराना नाता रहा है पूर्व एमएलसी का
पूर्व एमएलसी प्रशांत चौधरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। एसएसपी वैभव कृष्ण के कार्यकाल में उन्होंने मिसलगढ़ी के एक दुकानदार को अपनी गाड़ी में डालकर अपहरण कर लिया था। पुराने विवाद के चलते दुकानदार की पिटाई की गई थी। मामले में भी उनके खिलाफ कविनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।
बीते दिनों रालोद में भी हुआ था दो नेताओं का विवाद
पार्टी में नेताओं के बीच ऐसा विवाद बीते दिनों रालोद में भी हुआ था। रालोद के पूर्व महानगर अध्यक्ष रविंद्र चौहान और पार्टी नेता अमरजीत सिंह बिड्डी के बीच जमकर गाली-गलौज हुई थी। नवयुग मार्केट के एक रेस्तरां में हुई इस घटना को पार्टी के नेताओं ने बढ़ने से रोक लिया था। मामले को शांत न किया जाता तो दोनों नेताओं में मारपीट हो सकती थी। इस मामले में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कड़ा कदम उठाते हुए कई नेताओं को निलंबित कर दिया है।