गाजियाबाद : भोजपुर में प्रियंका ने पर्चा लिया वापस, सुचेता बनी ब्लॉक प्रमुख
गाजियाबाद। ब्लॉक प्रमुख पद को लेकर हो रहे चुनाव के बीच शुक्रवार को मोदीनगर के भोजपुर में नाटकीय ढंग से निर्दलीय प्रत्याशी प्रियंका जाटव ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद भाजपा की सुचेता सिंह निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख चुन ली गईं। प्रियंका के नामांकन वापसी पर रालोद के पूर्व जिलाध्यक्ष अजय प्रमुख ने आरोप लगाया कि सारा खेल स्थानीय सांसद के दबाव में हुआ है। निर्धारित समय के बाद नाम वापस लिया गया। इस पर सहायक निर्वाचन अधिकारी को भी वीडियो जारी कर सफाई देनी पड़ी कि नाम वापसी दोपहर 2.53 बजे पर हुई और प्रियंका ने खुद कहा कि वह किसी दबाव में नाम वापस नहीं ले रही हैं।
भाजपा की सुचेता सिंह के सामने रालोद से पूर्व विधायक सुदेश शर्मा व पूर्व जिलाध्यक्ष अजय पाल प्रमुख ने प्रियंका जाटव का नामांकन कराया था। इसके बाद मोदीनगर में भी लोनी और मुरादनगर ब्लॉक की तरह कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। रालोद के आलाकमान ने भले ही चुनाव में उतरने से साफ इंकार किया था, लेकिन स्थानीय स्तर पर पार्टी के कई बड़े नेता प्रियंका जाटव के साथ खड़े थे। शुक्रवार को तीन बजे नाम वापसी होनी थी, उससे पहले प्रियंका ने नाम वापस ले लिया। इस पर अजय प्रमुख ने आरोप लगाया कि पूरा खेल भाजपा के इशारे पर हुआ है। बागपत में प्रियंका की नंद भाजपा की ओर से चुनाव लड़ रही हैं। इस बात की हमें जानकारी नहीं थी। अब भाजपा सांसद और प्रियंका के पति अजय के बीच बातचीत हुई। दोनों के बीच समझौता हुआ और समय बीते के बाद पर्चा वापस ले लिया गया। उधर, प्रियंका जाटव का कहना है कि उनके ऊपर किसी भी तरह का दबाव नहीं था और न ही समझौता हुआ है। परिवार के बीच सहमति बनी थी, जिसके बाद नाम वापस लिया।
गलत आरोप लगाए हैं
गलत तरीके से आरोप लगाए जा रहे हैं। निर्वाचन आयोग के दिशानिर्देश के अनुसार दोपहर तीन बजे तक नाम वापस लिया जा सकता था। प्रियंका दोपहर 2.53 पर कक्ष में पहुंचे और उन्होंने नाम वापस लेने की बात कही। इसके बाद ही उन्होंने नाम वापस लिया। - उमाकांत तिवारी, सहायक निर्वाचन अधिकारी
बहन की जीत कराई पक्की
भाजपा और प्रियंका के पति अजय के बीच समझौता हुआ। अजय की बहन बागपत से ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ रही है। भाजपा वहां पर उसे चुनाव लड़ाएगी। इसके बदले ही प्रियंका का पर्चा वापस हुआ। बाकी हमें यह जानकारी पहले नहीं थी कि बहन भी बागपत से चुनाव लड़ रही है। - अजय प्रमुख, पूर्व जिलाध्यक्ष रालोद
कोई समझौता नहीं हुआ
कोई समझौता नहीं हुआ है। हम लोगों की प्रियंका के परिवार से बातचीत हुई थी, वो पार्टी की विचारधारा से प्रभावित थे, जिसके चलते उन्होंने नाम वापसी पर सहमति दी। इसमें कोई किसी तरह का दबाव नहीं बनाया गया। सभी आरोप निराधार और झूठे हैं। - दिनेश सिंघल, जिलाध्यक्ष, भाजपा