हाउस टैक्स के नए मॉडल पर मिली आपत्तियों की सात से होगी सुनवाई
गाजियाबाद। जमीन के सर्किल रेट के आधार पर हाउस टैक्स का निर्धारण करने वाली टैक्स पॉलिसी पर निगम में फिर मंथन शुरू होगा। टैक्स पॉलिसी पर मिली आपत्तियों पर नगर निगम 7 जुलाई से सुनवाई शुरू करेगा। इसके लिए नगर आयुक्त ने वरिष्ठ अधिकारियों की एक समिति गठित कर दी है। सुनवाई के बाद इस पॉलिसी को नगर निगम बोर्ड में पेश किया जाएगा।
नगर निगम ने बीती फरवरी में नई हाउस टैक्स पॉलिसी बनाई थी। इसमें घरों के सामने सड़कों की चौड़ाई की जगह कॉलोनी के सर्किल रेट को टैक्स का आधार बनाया गया है। यानी महंगी कॉलोनी में ज्यादा हाउस टैक्स और सस्ती कॉलोनी में लोगों का हाउस टैक्स भी कम होगा। इस पॉलिसी के तहत कई कॉलोनियों में हाउस टैक्स में चार गुना तक का इजाफा हो रहा है। इसके चलते नई पॉलिसी का पार्षद, व्यापार संगठन और अन्य सामाजिक संगठनों के स्तर से विरोध किया जा रहा था। नगर निगम ने इस पॉलिसी पर लोगों से आपत्तियां मांगी थीं। शहर के 318 लोगों ने इस पॉलिसी पर आपत्तियां दर्ज कराई थी। इनमें से न्यूनतम 10 फीसदी आपत्तियों पर नगर आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति को सुनवाई कर उनका निस्तारण करना है। हालांकि पांच माह से यह पॉलिसी फाइलों में बंद थी। अब नगर निगम ने उन आपत्तियों पर सुनवाई करने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की है जो लोगों ने दर्ज कराई थी। मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा ने बताया कि आपत्तियां दर्ज कराने वालों को सूचना भेजकर बुलाया जाएगा। सात जुलाई से सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
ये बनाई कमेटी
अपर नगरायुक्त शिवपूजन यादव, मुख्य नगर लेखा परीक्षक अरुण कुमार, लेखाधिकारी अरुण कुमार मिश्रा, मुख्य कर निर्धारण अधिकारी डॉ. संजीव सिन्हा और सभी जोन के जोनल प्रभारी को सुनवाई करने वाली समिति में शामिल किया गया है। यह समिति 7 जुलाई से सुनवाई शुरू करेगी और प्रक्रिया को पूरा कर नगर आयुक्त महेंद्र सिंह तंवर को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके बाद प्रस्ताव को बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।