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20 हजार लोगों को ठगने वाले गैंग पर शिकंजा कसेगी पुलिस

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20 हजार लोगों को ठगने वाले गैंग पर शिकंजा कसेगी पुलिस
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गाजियाबाद। लाइक से पैसा कमाने का झांसा देकर 20 हजार से अधिक लोगों को ठगने वाले इंटरनेशनल गैंग की पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। अमर उजाला ने बृहस्पतिवार के अंक में ठग गैंग के कारनामे को प्रमुखता को प्रकाशित किया था। जिस पर अधिकारियों ने संज्ञान लेकर मामले की जांच के निर्देश दिए। इसके बाद साइबर सेल ने पीड़ितों से संपर्क कर डिटेल जुटानी शुरू कर दी है। वहीं, पुलिस की जांच में सामने आया है कि गैंग ने नई एप लांच की है। अंदेशा है कि गैंग नए लोगों को जोड़कर उन्हें अपना शिकार बना सकता है।
इंटरनेशनल गैंग ने इंटर कांटिनेंटल एक्सचेंज (आईसीई) एप के जरिये ठगी का जाल फैलाया था। इसके तहत दुनिया भर की सेलिब्रिटी की पोस्ट लाइक करके पैसा कमाने का झांसा दिया गया। शुरुआत में सुपरवाइजर की वर्चुअली आईडी बनाने के लिए दो हजार रुपये वसूले गए। सदस्यों को टास्क दिया गया कि उन्हें नेशनल-इंटरनेशनल सेलेब्रिटी की पोस्ट व ब्लॉग्स को यू-ट्यूब पर लाइक करना है और उसके स्क्रीन शॉट डालने हैं। एक स्क्रीन शॉट के बदले में 10 रुपये अदा करने की बात कही गई थी। यह रकम एप के वॉलेट में आती थी। इसके बाद लेवल बढ़ाकर मैनेजर बनाने का झांसा देकर 7 हजार रुपये, टैक्स के नाम पर 2 हजार रुपये और फिर पेनाल्टी के नाम पर 500 रुपये वसूले गए। अब तक गैंग द्वारा बनाए गए 83 व्हॉट्सएप ग्रुप सामने आए, जिसमें शामिल 20 हजार से अधिक लोगों से 20 करोड़ से अधिक की ठगी की गई। पीड़ितों ने इस संबंध में साइबर अपराध पर काम करने वाली संस्था कंज्यूमर चाणक्य पर शिकायत दर्ज कराई थी। अमर उजाला ने ठगों के इस मकड़जाल को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। आईसीई एप के जरिये बीस हजार से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाने के बाद इंटरनेशनल गैंग ने अब दूसरी एप भी लांच कर दी है। पुलिस का मानना है कि गैंग अब नए सदस्यों को इसके जरिये जोड़कर उनसे रकम ऐंठेगा। पुलिस ने इस तरह की किसी भी एप को डाउनलोड न करने तथा लाइक्स के रोजगार के झांसे में न आने की अपील की है।
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जांच शुरू कर दी गई
लाइक के बदले पैसा कमाने का झांसा देकर ठगी करने वाले गैंग की जांच शुरू कर दी गई है। पीड़ितों से डिटेल लेकर साइबर सेल आगामी कार्रवाई करेगी। गैंग के सदस्यों के मोबाइल नंबर कहां के हैं, यह पता लगाया जा रहा है। लोग लाइक के बदले पैसा कमाने के झांसे में न आएं और न ही इस तरह की कोई एप डाउनलोड करें।
- अभय कुमार मिश्र, नोडल अधिकारी (साइबर सेल)
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