महंगे डीजल-बिजली कटौती की मार से बढ़ा जेब पर बोझ
गाजियाबाद। महंगे डीजल और बिजली कटौती ने लोगों का जेब खर्च बढ़ा दिया है। उमस और गर्मी के बीच लंबे समय तक बिजली कटौती होने से लोग जनरेटर सैट से मिलने वाली महंगी बिजली का इस्तेमाल कर रहे हैं। कुछ सोसायटियों के अंदर 20 से 22 रुपये प्रति यूनिट तक जनरेटर सैट का बिजली बिल वसूला जा रहा है।
मौजूदा वक्त में सोसायटियों के अंदर दो से चार घंटे तक की बिजली कटौती हो रही है। बीते चार वर्षों में सबसे अधिक बिजली कटौती इस बार होने से लोगों का बिजली खर्च 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ गया था। क्योंकि जनरेटर से मिलने वाली बिजली की दरें काफी महंगी हैं। इस लिहाज से कुछ घंटों के इस्तेमाल से ही बिजली में काफी खर्च हो जाता है। उधर, डीजल के दाम बढ़ने से सोसायटी की आरडब्ल्यूए व बिल्डर भी जनरेटर सैट से मिलने वाली बिजली की दरें बढ़ाने जा रहे हैं। अभी तक तीन सोसायटियों ने कीमतें बढ़ा दी हैं। बाकी बढ़ाए जाने की तैयारी हैं, जिसको लेकर सोसायटियों के अंदर लोगों में रोष है। विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि संक्रमण काल में जब रोजगार के अवसर नहीं है और कारोबार ठप पड़े हैं। ऐसे में कीमतें बढ़ाना या बिजली कटौती उचित नहीं है।
केस-1- नेशनल हाईवे-9 से सटी महागुनपुरम सोसायटी के निवासी एचके शर्मा बताते हैं कि वो बिजली कटौती काफी बढ़ गई है। बीते एक सप्ताह दो दिन आठ से नौ घंटे की कटौती हुई। सामान्य तौर पर भी दो से तीन घंटे की कटौती हो रही है। इससे घर में जनरेटर सैट से मिलने वाली बिजली का इस्तेमाल बढ़ जाता है। गर्मी में 5800 रुपये प्रति माह का बिल आता है जो अब कटौती होने पर करीब 20-30 प्रतिशत बढ़ गया है।
केस-2- क्रॉसिंग रिपब्लिक की सुपरटेक लिविंग्स्टन सोसायटी में रोने वाले सोमेश त्यागी कहते हैं कि बीते तीन-चार वर्षों में पहली बार इतनी बिजली कटौती हो रही है। इससे जनरेटर की बिजली का घर में अधिक इस्तेमाल हो रहा है। यही कारण है कि हर महीने तीन से चार हजार रुपये का बोझ हमारी जेब पर अतिरिक्त बढ़ गया है।
इन सोसायटियों में बढ़े दाम
सोसायटी मौजूदा दर बीते वर्ष
महागुनपुरम (एनएच-9) 26.78 22.00
केडीपी ग्रांड सवाना (एक्सटेंशन) 16.00 13.20
एसजी इंप्रेशन (एक्सटेंशन) 17.00 15.00
नोट: कीमतें रुपये प्रति यूनिट में हैं।
वीवीआईपी में सबसे सस्ती दरें
कीमतों में इजाफे के साथ ही राजनगर एक्सटेंशन की वीवीआईपी सोसायटी ने आठ रुपये की अभूतपूर्व कटौती की है। इस सोसायटी में पहले 18 रुपये प्रति यूनिट का चार्ज लिया जा रहा था।
पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम लि. चीफ इंजीनियर पंकज = जून के पहले सप्ताह में जिले में बिजली की खपत एक हजार मेगावाट थी जो बढ़कर अब 1200 मेगावाट पहुंच गई है। अचानक लोड बढ़ने पर लोकल फॉल्ट होने से ट्रीपिंग की समस्या बढ़ी है।