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सर्किल रेट हाउस टैक्स वसूलने की तैयारी 40 प्रतिशत तक देना पड़ सकता है टैक्स

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सर्किल रेट हाउस टैक्स वसूलने की तैयारी 40 प्रतिशत तक देना पड़ सकता है टैक्स
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गाजियाबाद। कोरोना महामारी के दौरान नगर निगम ने 15 प्रतिशत हाउस टैक्स बढ़ाकर जनता को झटका दिया है। दूसरा बड़ा झटका निगम संपत्ति कर नियमावली-2000 के तहत सर्किल रेट के अनुसार हाउस टैक्स वसूलने से लगेगा। जिसमें 40 फीसदी तक हाउस बढ़ सकता है। इसकी तैयारी हो चुकी है। निगम 15 फीसदी टैक्स बढ़ा चुका है तो बाकी 25 फीसदी नए प्रस्ताव के तहत बढ़ाने की तैयारी है। इस पर मांगी आपत्तियों पर सुनवाई की जा रही है। निगम की मंशा नोटिस से साफ हो रही है। नोटिस में एक बिंदु जोड़ा गया है कि अगर इसके अतिरिक्त भी हाउस टैक्स में बढ़ोतरी होती है तो वो आपके द्वारा देय होगी।
नए प्रस्ताव का भार सबसे ज्यादा वीआईपी यानी पॉश कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की जेब पर पड़ेगा। क्योंकि वहां पर टैक्स का निर्धारण क्षेत्रफल के साथ सर्किल रेट की दरों से होगा। इस कुछ इस तरह से भी समझा जा सकता है कि नंदग्राम की तुलना में राजनगर, कविनगर, राजेंद्र नगर, इंदिरापुरम जैसे इलाकों में रहने वाले लोगों को ज्यादा टैक्स अदा करना होगा। इसको लेकर पहले से कॉलोनियों की तीन श्रेणी बनाई गई है, जिनका निर्धारण सर्किल रेट के आधार पर किया जा चुका है। इस प्रस्ताव को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधि और पार्षद भी विरोध कर रहे हैं। कुछ महीने जनप्रतिनिधियों ने नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन से भी मुलाकात की थी। नए प्रस्ताव पर 318 आपत्तियां आई हैं, जिनकी सुनवाई भी जारी है। इससे साफ है कि तैयारी पूरी है।
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नगरायुक्त महेंद्र सिंह तंवर = निकट भविष्य में सर्किल रेट से हाउस टैक्स वृद्धि का कोई प्रस्ताव नहीं है। बीते फरवरी में सर्किल रेट के मुताबिक हाउस टैक्स की प्रक्रिया चल रही थी। उसी वक्त से हाउस टैक्स के बिल में 15 फीसदी से अधिक की वृद्धि पर अंतर के भुगतान का नोट जोड़ा गया था। भ्रम की स्थिति न हो इसके लिए सॉफ्टवेयर में अपडेट कराकर नोट हटवा दिया जाएगा।
संभव है।
1.90 की जगह चार रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित हैं दरे
नगर निगम ने संपत्तिकर नियमावली 2000 को लागू करने की दिशा में कार्रवाई जारी है। नई नियमावली लागू होते ही लोगों को डीएम सर्किल रेट में तय किए गए किराया दर के आधार पर टैक्स चुकाना होगा। इससे पॉश, मलिन व गांव देहात की कालोनियों में हाउस टैक्स की दरों में भिन्नता आएगी। निगम अभी तक जहां कारपेट एरिया के हिसाब से अधिकतम 1.90 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से हाउस टैक्स वसूलता है, वहीं नई पॉलिसी के तहत टैक्स की अधिकतम दर 4 रुपये प्रति वर्ग फुट प्रस्तावित की गई है। निगम ने कॉलोनियों को एएबी व सी श्रेणी में बांटा है। निर्णय से विभिन्न कॉलोनियों में लोगों पर हाउस टैक्स का बोझ 50 से 60 फीसदी तक बढ़ जाएगा।
ए श्रेणी में रखी गई प्रमुख कॉलोनियां :
राजनगर, कविनगर, राजनगर एक्सटेंशन, शास्त्री नगर, वसुंधरा, वैशाली, चिरंजीव विहार, अवंतिका, इंदिरापुरम, नवयुग मार्केट, पार्श्वनाथ पैराडाइज, गोविंदपुरम, विवेकानंद नगर, लोहा मंडी, कविनगर औद्योगिक क्षेत्र, कमला नेहरू नगर, संजय नगर सेक्टर.23, लोहिया नगर, कौशांबी, शालीमार गार्डन, राजेंद्र नगर, श्यामपार्क एक्सटेंशन, गांधी नगर, सहित आदि।
बी श्रेणी में रखी गई कॉलोनियां :
पुराना विजयनगर, सेक्टर.12 स्थित ए, बी, सी व डी ब्लॉक, नंदग्राम ए, सी, डी, ई ब्लॉक, साईं एंकलेव, लक्ष्मी विहार, मालीवाड़ा, डासना गेट, हरदेव सहाय, सर्वोदय नगर, हिंडन विहार, मुकुंदनगर, बौंझा, पटेल मार्ग, पंचवटी, अंबेडकर नगर, सुंदरपुरी, भूड़ भारत नगर, डूंडाहेड़ा, सैन विहार, डिफेंस कॉलोनी, कृष्णा गार्डन, कैलाश पुरम, बालाजी एंकलेव, आंशिक राकेश मार्ग, एमपी एंकलेव, बैंक एंकलेव, महिंद्रा एंक्लेव सहित आदि।
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सी श्रेणी में रखी गई कॉलोनियां :
कृष्णा नगर बागू, भीमनगर, सिद्धार्थ विहार, राहुल विहार, माता कॉलोनी, रोजी कॉलोनी, संघर्ष कॉलोनी, गगन विहार, विकलांग कॉलोनी, सुदामापुरी, बारादरी, दीनागढ़ी, प्राण गढ़ी, रामागढ़ी, शिब्बनपुरा, पप्पू कॉलोनी, दीनदयालपुरी, उत्तरांचल नगर, बालूपुरा, कालकागढ़ी, प्रेमपुरी, जटवाड़ा, कांजीमल, पक्की सराय, कस्साबान, सुक्खीमल, घूकना सहित आदि।
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